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मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने एथनॉल प्लांट का किया निरिक्षण
मार्च 2027 में पहली यूनिट शुरू होने की उम्मीद
By Viraat Vaibhav | Publish Date: 3/10/2026 4:46:52 PM
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने एथनॉल प्लांट का किया निरिक्षण

जमुई के चकाई में निर्माणाधीन एथेनॉल प्लांट का निरीक्षण करते मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी।

जमुई। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शनिवार को जमुई जिले के चकाई प्रखंड के उरवा गांव में निर्माणाधीन अंकुर बायोकेम प्राइवेट लिमिटेड के एथेनॉल प्लांट का निरीक्षण किया। करीब 8,000 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे इस प्लांट को एशिया के सबसे बड़े एथेनॉल संयंत्रों में शामिल बताया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने निर्माण कार्य की प्रगति का जायजा लिया और अधिकारियों से परियोजना की विस्तृत जानकारी ली।मुख्यमंत्री ने प्लांट की प्रगति पर संतोष जताते हुए कहा कि अधिकारियों ने उन्हें मार्च 2027 तक प्लांट की पहली यूनिट चालू किए जाने की जानकारी दी है। उन्होंने कहा कि परियोजना के शुरू होने से बिहार के औद्योगिक विकास को गति मिलने के साथ ही बड़ी संख्या में रोजगार के अवसर पैदा होंगे।

107 एकड़ में बन रहा एथेनॉल प्लांट

चकाई के उरवा गांव में करीब 107 एकड़ भूमि पर इस एथेनॉल प्लांट का निर्माण किया जा रहा है। कंपनी के अनुसार परियोजना में करीब 8,000 करोड़ रुपये का निवेश किया जा रहा है। निर्माण कार्य लगभग 80 प्रतिशत पूरा हो चुका है। संयंत्र में अनाज आधारित तकनीक का इस्तेमाल होगा, जहां मक्का और चावल से प्रतिदिन करीब 7.5 लाख लीटर एथेनॉल का उत्पादन प्रस्तावित है। प्लांट के संचालन के लिए प्रतिदिन करीब 30 हजार क्विंटल अनाज की आवश्यकता होगी। कंपनी के मुताबिक परियोजना शुरू होने के बाद करीब पांच हजार लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलने की संभावना है। स्थानीय स्तर पर भी इस परियोजना को लेकर उम्मीदें बढ़ी हैं। ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में बड़ा उद्योग स्थापित होने से स्थानीय युवाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे और उन्हें काम की तलाश में दूसरे शहरों एवं राज्यों का रुख करने की मजबूरी कम हो सकती है।

चकाई को स्टील हब के रूप में विकसित करने की योजना

निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की परिकल्पना केवल एथेनॉल प्लांट तक सीमित नहीं है। चकाई क्षेत्र को भविष्य में स्टील हब के रूप में विकसित करने की दिशा में भी काम किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि क्षेत्र की पूरी जमीन का सर्वेक्षण कर औद्योगिक विकास के लिए आवश्यक व्यवस्थाओं और आधारभूत संरचना की संभावनाओं का आकलन किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि चकाई में ऐसी औद्योगिक व्यवस्था विकसित करने की जरूरत है, जिससे यह क्षेत्र देश और दुनिया के औद्योगिक मानचित्र पर अपनी पहचान बना सके।

500 एकड़ भूमि का हवाई सर्वेक्षण

मुख्यमंत्री के दौरे का महत्वपूर्ण हिस्सा प्रस्तावित औद्योगिक कॉरिडोर के लिए चिह्नित करीब 500 एकड़ भूमि का हवाई सर्वेक्षण रहा। मुख्यमंत्री ने हेलीकॉप्टर से क्षेत्र का जायजा लिया। इस दौरान प्रस्तावित औद्योगिक क्षेत्र के विस्तार की संभावनाओं के साथ-साथ जमीन की उपलब्धता, सड़क और रेल संपर्क तथा अन्य आधारभूत सुविधाओं का भी आकलन किया गया। मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद जिला प्रशासन प्रस्तावित औद्योगिक कॉरिडोर के लिए आवश्यक बुनियादी सुविधाओं और इंफ्रास्ट्रक्चर का खाका तैयार करने की दिशा में काम कर रहा है। एथेनॉल प्लांट के साथ यदि प्रस्तावित औद्योगिक गतिविधियों को भी गति मिलती है तो चकाई क्षेत्र में बड़े पैमाने पर औद्योगिक निवेश और रोजगार के अवसर विकसित होने की संभावना है।

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