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जापान के परिधान बाजार में चीन के अंतर को भर सकता है भारत: एईपीसी
By Virat baibhav | Publish Date: 11/7/2025 3:53:28 PM
नई दिल्ली। परिधान निर्यात संवर्धन परिषद (एईपीसी) ने शुक्रवार को कहा कि जापान को सिले-सिलाए कपड़ों के सबसे बड़े निर्यातक चीन की घटती हिस्सेदारी के कारण जो कमी आई है, भारत में उसे पूरा करने की क्षमता है। एईपीसी ने कहा कि परिषद प्रमुख जापानी ब्रांड और खुदरा शृंखलाओं के साथ मिलकर निर्यात बढ़ाने और निवेश आकर्षित करने के अवसरों का पता लगाने के लिए टोक्यो में एक उच्च-स्तरीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रही है। यह प्रतिनिधिमंडल 15-17 जुलाई तक टोक्यो में आयोजित होने वाले मेले इंडिया टेक्स ट्रेंड फेयर में भाग लेगा।
भारत के 150 से अधिक परिधान निर्यातक इस मेले में घरेलू परिधान उत्पादों की विविध पेशकश प्रदर्शित करने के लिए भाग लेंगे। एईपीसी के चेयरमैन सुधीर सेखरी ने कहा, परिषद एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल को टोक्यो ले जाएगी, ताकि शीर्ष जापानी ब्रांड और खुदरा शृंखलाओं के साथ गहन संपर्क स्थापित करके व्यापार और निवेश बढ़ाने की संभावनाओं का पता लगाया जा सके। सेखरी ने कहा कि जापानी बाजार के साथ गहन जुड़ाव के परिणामस्वरूप दोनों देशों के बीच मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) का अधिक उपयोग हुआ है। उन्होंने कहा, भारत, जापान को सिले-सिलाए कपड़े के सबसे बड़े निर्यातक चीन की घटती हिस्सेदारी से पैदा हुए खालीपन को आसानी से भर सकता है। साल 2024 में जापान को भारत का परिधान निर्यात 23.45 करोड़ डॉलर था। पिछले साल टोक्यो ने लगभग 23 अरब डॉलर मूल्य के इन सामानों का आयात किया था। इसमें भारत की हिस्सेदारी केवल एक प्रतिशत है। कपड़ा मंत्री गिरिराज सिंह टोक्यो में मेले का उद्घाटन करेंगे।