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बड़े पैमाने पर विफल साबित हुआ स्वच्छ भारत अभियान: यादव
By Virat baibhav | Publish Date: 18/7/2025 8:01:27 PM
नई दिल्ली। एनडीएमसी को 2024-25 के लिए शहरी स्वच्छता और सार्वजनिक सेवा उत्कृष्टता के लिए सुपर स्वच्छ लीग सिटी अवॉर्ड मिलना कोई बड़ा कीर्तिमान नहीं होने का आरोप लगाते हुए शुक्रवार को कांग्रेस दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष देवेंद्र यादव ने कहा कि एनडीएमसी को 50 हजार से 3 लाख आबादी वाले शहरों की श्रेणी में स्वच्छता के लिए यह पुरस्कार दिया गया है। उन्होंने कहा कि हमें यह नहीं भूलना चाहिए कि एनडीएमसी क्षेत्र में प्रधानमंत्री, मंत्री, एंबेसी, डिप्लोमेट, केंद्र सरकार के कार्यालय और अधिकतर अधिकारी रहते हैं। देेवेंद्र यादव ने कहा कि स्वच्छ भारत अभियान की बात करें तो दिल्ली सहित देश भर में यह बड़े पैमाने पर विफल साबित हुआ है। एनडीएमसी की सफाई व्यवस्था पर अपनी पीठ थपथपाने वाली भाजपा एनडीएमसी क्षेत्र जैसी इनोवेशन, कूड़ा प्रबंधन, स्वच्छता व्यवस्था को पूरी दिल्ली में लागू क्यों नहीं कर पा रही है। उन्होंने कहा कि दिल्ली नगर निगम में गंदगी के ढ़ेर नहीं दिखते, स्वच्छता सर्वेक्षण में दिल्ली नगर निगम 31वें स्थान पर है, जबकि पिछले वर्ष 40 शहरों के स्वच्छता सर्वेक्षण में दिल्ली नगर निगम 39वें स्थान पर था। यादव ने कहा कि भाजपा दिल्ली सहित दिल्ली नगर निगम में भी सत्तासीन है और 2022 से पहले भी 15वर्ष तक निगम के शासन चलाया। अगर दिल्ली कूड़े के ढेर पर बैठी है कहा जाए तो इसके लिए भाजपा पूरी तरह जिम्मेदार है। यादव ने कहा कि क्यों स्वच्छता सर्वेक्षण में गरीब बस्तियों, जेजे कलस्टरों, झुग्गी झौपड़ी कॉलोनी, पुर्नवास कालोनियों और अनाधिकृत कॉलोनियों को शामिल नही किया जाता। कॉलोनियों के बाहर पड़े कूड़े के ढेर, सडक़ों किनारे गंदगी और छोटे और मुख्य बाजारों के बाहर कूड़े के ढेरों को अगर देखा जाए तो दिल्ली दुनिया के सबसे गंदे श्रेणी के शहरों में निचले स्तर में आता। कूड़ा प्रबंधन, अपशिष्ट प्रबंधन और स्थायी स्वच्छता के लिए दिल्ली नगर निगम के पास कोई पूर्ण व्यवस्था तक नहीं है। यादव ने कहा कि दिल्ली में चरमराई सफाई व्यवस्था का सबसे बड़ा कारण सफाई कर्मचारियों की कमी है और नगर निगम में व्याप्त भ्रष्टाचार है। एमसीडी में जो कर्मचारी सफाई का काम कर रहे हैं वो अनुबंधित कर्मचारी है, जिनसे अधिकारी आधे समय काम लेकर उनसे अवैध वसूली करते है। उन्होंने कहा कि दिल्ली में कूड़े के पहाड़ों का निपटारा करने का दावा करने वाली भाजपा की दिल्ली सरकार इस काम तक शुरु नही कर पाई है जबकि आम आदमी पार्टी ने कूड़े के पहाड़ों के निपटान के नाम पर निगम की सत्ता हासिल की थी, जो अपने ही भ्रष्टाचार और नेतृत्व कमजोरी के कारण निगम की सत्ता गंवा बैठी। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि दिल्ली में सफाई व्यवस्था में कमियों का ही कारण है कि सडक़ों पर बारिश के कारण जल भराव जैसी समस्या से जूझना पड़ता है, क्योंकि पीडब्ल्यूडी और निगम के पास पर्याप्त कर्मचारी नही है, जमा कूड़ा सडक़ों से नालियों में जाता है और नालियां जाम हो जाती है। उन्होंने कहा कि स्वच्छता अवार्ड पर पीठ थपथपाने वाली भाजपा नालों की सफाई मेनुअल स्क्वेंजिंग के द्वारा करवा रही है, जो भाजपा की सबसे बड़ी नाकामी है।