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दिल्ली
इनविट्स के जरिए 40,000 करोड़ रुपए की एसेट मोनेटाइजेशन की तैयारी में रोड इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनियां: रिपोर्ट
By Virat baibhav | Publish Date: 13/7/2026 3:57:13 PM
इनविट्स के जरिए 40,000 करोड़ रुपए की एसेट मोनेटाइजेशन की तैयारी में रोड इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनियां: रिपोर्ट

नई दिल्ली। सोमवार को जारी एक रिपोर्ट के अनुसार, भारत की रोड इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनियां वित्त वर्ष 2026-27 में इन्फ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट (इनविट्स) के माध्यम से करीब 40,000 करोड़ रुपए की एसेट मोनेटाइजेशन करने की तैयारी में हैं, जिसका उद्देश्य पूंजी (कैपिटल) जुटाना, कर्ज का बोझ कम करना और भविष्य के विस्तार के लिए वित्तीय संसाधन जुटाना है।  ब्रिकवर्क रेटिंग्स की रिपोर्ट में कहा गया है कि इस वित्तीय वर्ष के दौरान सड़क क्षेत्र में सरकार के निरंतर निवेश के दम पर करीब 10,000 किलोमीटर नए हाईवे, एक्सप्रेसवे और हाई-स्पीड कॉरिडोर परियोजनाओं के आवंटन का भी लक्ष्य रखा गया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि वित्त वर्ष 2027 के दौरान सड़क इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र की क्रेडिट प्रोफाइल स्थिर बनी रहने की उम्मीद है, जिसकी प्रमुख वजह मजबूत टोल कलेक्शन, परियोजनाओं की स्वस्थ पाइपलाइन और नए वित्तपोषण मॉडलों को तेजी से अपनाया जाना है। रिपोर्ट के मुताबिक, वित्त वर्ष 2027 में इस क्षेत्र की आय (रेवेन्यू) में 8.6 प्रतिशत की वृद्धि होने का अनुमान है, जबकि वित्त वर्ष 2026 में यह वृद्धि 7.3 प्रतिशत रहने की उम्मीद है। वहीं, ऑपरेटिंग मार्जिन भी 24.3 प्रतिशत से बढ़कर 25.1 प्रतिशत तक पहुंच सकता है। इसका मुख्य कारण परियोजनाओं का तेजी से क्रियान्वयन और कच्चे माल की लागत में कमी है। रिपोर्ट में कहा गया है कि स्टील और बिटुमेन की कीमतों में गिरावट तथा पहले से चल रही परियोजनाओं के तेजी से पूरा होने से कंपनियों की लाभप्रदता (प्रॉफिटेबिलिटी) को समर्थन मिलेगा। साथ ही, चालू हाईवे पर वाहनों की बढ़ती आवाजाही (ट्रैफिक) से भी कंपनियों की आय बढ़ेगी, जिससे तय लागत (फिक्स्ड कॉस्ट) अधिक राजस्व पर बंट जाएगी और परिचालन क्षमता में सुधार होगा। हालांकि, रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि भुगतान में देरी और परियोजनाओं के क्रियान्वयन में आने वाली बाधाओं के चलते बेहतर कमाई के बावजूद कर्ज चुकाने की क्षमता (डेट सर्विसिंग) अभी भी एक बड़ी चुनौती बनी रहेगी। रिपोर्ट के अनुसार, वित्त वर्ष 2026 और वित्त वर्ष 2027 के दौरान डेट सर्विस कवरेज रेशियो लगभग 0.5 गुना रहने का अनुमान है, जबकि इंटरेस्ट कवरेज रेशियो 1.3 गुना से बढ़कर 1.5 गुना तक पहुंच सकता है। रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि सड़क अवसंरचना कंपनियां संचालित (ऑपरेशनल) सड़क परिसंपत्तियों का इनविट्स के जरिए लगातार मोनेटाइजेशन कर रही हैं, ताकि नकदी (लिक्विडिटी) बढ़ाई जा सके, कर्ज चुकाया जा सके और नई परियोजनाओं के लिए पूंजी जुटाई जा सके। हालांकि, रिपोर्ट ने यह भी चेतावनी दी है कि राज्य सरकारों की परियोजनाओं में भुगतान से जुड़े जोखिम, लंबा रिसीवेबल साइकिल और आक्रामक बोली (एग्रेसिव बिडिंग) जैसी चुनौतियां अब भी इस क्षेत्र के सामने बनी हुई हैं।
 
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