Thursday,13 August 2026,05:21 AM
ब्रेकिंग न्यूज़
एक-एक सवाल का दूंगा जवाब, विपक्ष तय करे चर्चा करनी है या हंगामा : गृह मंत्री अमित शाहहमें अमित शाह का बयान सुनने में कोई दिलचस्पी नहीं, छात्रों के मुद्दों पर जवाब देना चाहिए : राहुल गांधीसंसद में गतिरोध पर भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन का कांग्रेस और विपक्षी दलों पर हमला, चिराग पासवान ने भी की आलोचनाभाजपा सरकार के 100 दिन पूरे होने पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के पश्चिम बंगाल दौरे की संभावना तेजडिजिलॉकर के 72.43 करोड़ रजिस्टर्ड यूजर्स, उमंग प्लेटफॉर्म पर 11.66 करोड़ उपयोगकर्ता; डिजिटल सेवाओं का तेजी से बढ़ा दायरामुंबई में रिहायशी इलाके में भूस्खलन से 7 लोगों की मौत, सीएम फडणवीस ने दुख जतायासुप्रीम कोर्ट में शिवसेना नाम-निशान विवाद पर सुनवाई, कपिल सिब्बल ने ईसीआई के अधिकार क्षेत्र पर उठाए सवाल'शॉर्टकट विल कट यू शॉर्ट', प्रधानमंत्री मोदी का संदेश- 'शॉर्टकट के रास्ते से निकलें बाहर नौजवान'
मनोरंजन
'फेम किराए का मकान है, एक दिन खाली करना होगा', बादशाह ने बताई शोहरत की असली कीमत
By Virat baibhav | Publish Date: 17/7/2026 3:23:44 PM
'फेम किराए का मकान है, एक दिन खाली करना होगा', बादशाह ने बताई शोहरत की असली कीमत

मुंबई। म्यूजिक इंडस्ट्री में रैपर बादशाह ने कई हिट गाने दिए और देशभर में बड़ी फैन फॉलोइंग बनाई। हाल ही में बादशाह अभिनेता और होस्ट शेखर सुमन के चैट शो 'शेखर टुनाइट' में बतौर गेस्ट पहुंचे। इस दौरान उन्होंने लोकप्रियता, एक कलाकार की जिम्मेदारी और शोहरत की दुनिया को लेकर अपनी सोच साझा की है। उन्होंने कहा कि जब कोई कलाकार अपने करियर की शुरुआत करता है, तो वह सिर्फ अपनी रचनात्मकता और जुनून के साथ आगे बढ़ता है, लेकिन जैसे-जैसे उसकी पहचान बढ़ती है, वैसे-वैसे उसके शब्दों और काम का असर भी बढ़ने लगता है। ऐसे में एक कलाकार के लिए सामाजिक जिम्मेदारी को समझना बेहद जरूरी हो जाता है। 'शेखर टुनाइट' शो में बातचीत के दौरान बादशाह ने बताया कि शुरुआत में गाने लिखना और संगीत बनाना उनके लिए एक आसान और मजेदार प्रक्रिया थी। उस समय उनका ध्यान सिर्फ अपनी क्रिएटिविटी को लोगों तक पहुंचाने पर रहता था, लेकिन समय के साथ उन्हें समझ आया कि एक कलाकार के शब्दों का असर बहुत दूर तक जाता है। बादशाह ने कहा, ''अगर कोई व्यक्ति हर समय परेशानियों के बारे में सोचता रहेगा तो उसे हर तरफ मुश्किलें ही नजर आएंगी, लेकिन अगर वह अपने काम पर ध्यान देता है तो चीजें आसान हो जाती हैं। जब आप एक लेखक या कलाकार के तौर पर शुरुआत करते हैं, तो आपको एहसास नहीं होता कि उसके लिखे हुए शब्दों को लोग किस तरह समझेंगे और उसका समाज पर क्या असर पड़ेगा। बस मजा आ रहा होता है।'' रैपर ने आगे बताया, ''किसी भी कला को देखने और समझने का नजरिया हर व्यक्ति का अलग होता है। हो सकता है कि किसी गाने या लाइन को ज्यादातर लोग पसंद करें, लेकिन कुछ लोगों को वही चीज अलग या आपत्तिजनक भी लग सकती है। यही वजह है कि जैसे-जैसे किसी कलाकार का दायरा बढ़ता है, उसे अपने काम और शब्दों को लेकर ज्यादा सजग होना पड़ता है।'' उन्होंने कहा, ''एक कलाकार की लोकप्रियता बढ़ने के साथ उसकी सामाजिक जिम्मेदारी भी बढ़ जाती है। पहले जहां उसका काम सीमित लोगों तक पहुंचता है, वहीं सफलता मिलने के बाद उसकी कला को लाखों-करोड़ों लोग देखने और सुनने लगते हैं। ऐसे में कलाकार को यह समझना जरूरी है कि उसकी कही हुई बातों का प्रभाव क्या हो सकता है। बादशाह ने कहा, ''यह जिम्मेदारी अपने आप में एक चुनौती है, लेकिन इसी चुनौती में एक कलाकार के लिए असली मजा भी छिपा होता है। उसे अपनी रचनात्मकता और प्रभाव को बनाए रखना पड़ता है।'' बातचीत के दौरान बादशाह ने शोहरत को लेकर अपनी सोच भी साझा की। उन्होंने कहा कि शोहरत हमेशा स्थायी नहीं होती और किसी कलाकार को इसे अपनी पूरी पहचान नहीं बना लेना चाहिए। उन्होंने शोहरत की तुलना किराए के मकान से करते हुए कहा कि यह कुछ समय के लिए मिलती है और एक दिन इसे छोड़ना ही पड़ता है। बादशाह ने कहा, ''फेम एक किराए का मकान है। उसे एक दिन खाली करना होगा। यह आपको मिलता है, आप इसे एंजॉय करो, लेकिन इस पर खुद को ज्यादा खर्च मत करो। यह किराए का मकान है, आपको इसे छोड़ना पड़ेगा।''
 
 
COPYRIGHT @ 2016 VIRAT VAIBHAV. ALL RIGHT RESERVED.DESIGN & DEVELOPED BY: 4C PLUS