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हिमाचल प्रदेश में 18 अगस्त तक भारी बारिश का अलर्ट, 288 सड़कें अवरुद्ध
By Virat baibhav | Publish Date: 12/8/2026 2:53:42 PM
हिमाचल प्रदेश में 18 अगस्त तक भारी बारिश का अलर्ट, 288 सड़कें अवरुद्ध

शिमला। हिमाचल प्रदेश में मॉनसून की सक्रियता बनी हुई है। पिछले 24 घंटों में राज्य के कई हिस्सों में बारिश हुई है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने 18 अगस्त तक राज्य के कई हिस्सों में भारी बारिश की आशंका जताई है और कई क्षेत्रों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। लगातार बारिश के कारण भूस्खलन और मलबा आने से राज्य में 288 सड़कें अवरुद्ध हैं। मंडी जिले में पिछले दिन बंद हुए मंडी-कुल्लू और मंडी-जोगिंदरनगर राष्ट्रीय राजमार्गों को बहाल कर दिया गया है। पिछले 24 घंटों में सिरमौर जिले के धौलाकुआं में सबसे अधिक 80 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। सिरमौर के जतौन बैरेज में 67 मिलीमीटर, कांगड़ा के धर्मशाला में 57 मिलीमीटर, पालमपुर में 54 मिलीमीटर और सिरमौर के पांवटा साहिब में 50 मिलीमीटर बारिश हुई। शिमला में बुधवार सुबह कुछ देर धूप निकली, लेकिन इसके बाद आसमान फिर बादलों से घिर गया। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र के बुधवार सुबह तक के आंकड़ों के अनुसार राज्य में कुल 288 सड़कें बंद हैं। इनमें मंडी में सबसे ज्यादा 117 सड़कें हैं। चंबा में 74, कुल्लू में 56, शिमला में 14 और सिरमौर में 13 सड़कें अवरुद्ध हैं। बारिश से बिजली आपूर्ति भी प्रभावित हुई है। राज्य में कुल 112 बिजली ट्रांसफार्मर ठप हैं। इनमें मंडी जिले के सुंदरनगर में 61 और कुल्लू जिले के बंजार उपमंडल में 34 ट्रांसफार्मर शामिल हैं। इसके साथ ही 55 पेयजल योजनाएं भी प्रभावित हैं। इनमें शिमला जिले की 26 और चंबा की 16 पेयजल योजनाएं शामिल हैं। लगातार बारिश से पहाड़ी इलाकों में सड़क संपर्क, बिजली और पेयजल सेवाओं पर असर पड़ा है। जनजातीय जिला लाहौल-स्पीति के जहालमा नाले में आई बाढ़ ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। नाले में आई बाढ़ के साथ बहकर आया भारी मलबा चंद्रभागा नदी के किनारों पर जमा हो गया है। इससे नदी का प्राकृतिक बहाव प्रभावित हुआ है। नदी का जलस्तर बढ़ने से जोबरंग पुल का आधे से अधिक हिस्सा पानी में डूब गया है। पुल के जलमग्न होने से जोबरंग, राशेल और राहपे गांवों का संपर्क फिलहाल टूट गया है। नदी के दूसरी ओर बसे इन गांवों के लोगों के सामने अपनी तैयार फसलों को व्यापारियों तक पहुंचाने की समस्या खड़ी हो गई है। ग्रामीणों तक रोजमर्रा की जरूरी सामग्री पहुंचाना भी मुश्किल हो गया है। नदी के किनारों पर जमा भारी मलबा भी चिंता का कारण बना हुआ है। इससे नदी के बहाव में रुकावट आ रही है और पुल के आसपास जलस्तर बढ़ रहा है। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र के अनुसार मॉनसून के दौरान राज्य में चल और अचल संपत्ति को अब तक 910 करोड़ रुपये का नुकसान हो चुका है। बारिश से जुड़े हादसों में 163 लोगों की मौत हुई है, 257 लोग घायल हुए हैं और एक व्यक्ति लापता है। 30 जून से अब तक 67 घर, 14 दुकानें और 226 पशुशालाएं पूरी तरह ध्वस्त हुई हैं, जबकि 268 घरों को आंशिक नुकसान पहुंचा है।मौसम विभाग के अनुसार 1 जून से 12 अगस्त तक हिमाचल प्रदेश में सामान्य से सात फीसदी कम बारिश हुई है। चंबा, किन्नौर, कुल्लू, शिमला और सिरमौर में सामान्य से अधिक बारिश हुई है। इसके विपरीत लाहौल-स्पीति में सामान्य से 51 फीसदी, हमीरपुर में 47 फीसदी, मंडी में 23 फीसदी, कांगड़ा में 15 फीसदी, सोलन में 8 फीसदी, बिलासपुर में 6 फीसदी और ऊना में 2 फीसदी कम बारिश दर्ज की गई है।

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