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इंडिया गेट पर 28वें ‘दिव्य कला मेला’ का भव्य उद्घाटन
By Virat baibhav | Publish Date: 13/12/2025 9:01:56 PM
इंडिया गेट पर 28वें ‘दिव्य कला मेला’ का भव्य उद्घाटन

नई दिल्ली। देशभर के दिव्यांग उद्यमियों, शिल्पियों एवं कलाकारों द्वारा निर्मित उत्पादों और उनकी रचनात्मक दक्षताओं को प्रदर्शित करने के उद्देश्य से आयोजित एक अनूठे आयोजन ‘दिव्य कला मेला’ का 28वां संस्करण शनिवार को दिल्ली के ऐतिहासिक इंडिया गेट स्थित कर्तव्य पथ पर भव्य रूप से आरंभ हुआ। दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग (डीईपीडब्ल्यूडी), सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय द्वारा आयोजित इस मेले का उद्घाटन दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री वीरेंद्र कुमार की उपस्थिति में किया। कार्यक्रम की शुरुआत अमर ज्योति विद्यालय के छात्रों द्वारा प्रस्तुत गणेश वंदना एवं वंदे मातरम् पर मनमोहक नृत्य प्रस्तुति से हुई, जिसने उपस्थित जनसमूह को भावविभोर कर दिया। बता दें कि 13 दिसम्बर से 21 दिसम्बर 2025 तक इस 09 दिवसीय दिव्य कला मेला प्रत्येक दिन प्रात: 11.00 बजे से रात्रि 09.00 बजे तक खुला रहेगा।  मेले के दौरान दिव्यांग कलाकारों एवं प्रसिद्ध कलाकारों द्वारा सांस्कृतिक प्रस्तुतियों की श्रृंखला आयोजित की जाएगी। साथ ही, आगंतुक देश के विभिन्न क्षेत्रों के पारंपरिक एवं स्वादिष्ट व्यंजनों का भी आनंद ले सकेंगे।  21 दिसंबर 2025 को विशेष सांस्कृतिक कार्यक्रम ‘दिव्य कला शक्ति’ आयोजित किया जाएगा, जिसमें देशभर से आए दिव्यांग कलाकार भाग लेंगे।
दिव्यांगजनों से मिलती है प्रेरणा: रेखा गुप्ता
इस अवसर पर दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने अपने संबोधन में कहा कि दिव्यांगजनों की प्रतिभा, आत्मविश्वास और संघर्ष से समाज को सकारात्मक ऊर्जा मिलती है। उन्होंने कहा कि हमें शारीरिक रूप से सक्षम होने के साथ-साथ समाज के प्रति अपने दायित्वों का भी निर्वहन करना चाहिए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले दिल्ली के दिव्यांगजनों को सम्मानित भी किया। उन्होंने दृढ़ विश्वास व्यक्त किया कि यह मेला अब तक की सभी आयोजनों को पीछे छोड़ते हुए रिकॉर्ड स्तर की बिक्री दर्ज करेगा।
दिव्यांगजनों के सशक्तिकरण के लिए सरकार प्रतिबद्ध : वीरेंद्र कुमार
इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री वीरेंद्र कुमार ने कहा कि ‘सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास’ के मंत्र पर आधारित मोदी सरकार ने वर्ष 2014 से अब तक देशभर में 32 लाख से अधिक दिव्यांगजनों को सहायक उपकरण प्रदान किए हैं। उन्होंने कहा कि उनका मंत्रालय दिव्यांगजनों को आर्थिक, सामाजिक एवं शैक्षिक सभी स्तरों पर सशक्त बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रहा है और 2047 के विकसित भारत के निर्माण में दिव्यांगजनों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होगी।
मेले में अधिक से अधिक सहभागिता का आह्वान
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय की सचिव वी. विद्यावथी ने दिल्ली-एनसीआर के नागरिकों से अपील की कि वे इस मेले में अधिक से अधिक संख्या में आकर दिव्यांगजनों द्वारा निर्मित उत्पादों की खरीदारी करें और उन्हें आत्मनिर्भर बनने में सहयोग दें।
नोडल एजेंसी के रूप में एनडीएफडीसी की भूमिका राष्ट्रीय दिव्यांगजन वित्त एवं विकास निगम (एनडीएफडीसी), जो कि दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग के अंतर्गत एक शीर्ष संस्थान है, इस मेले का नोडल एजेंसी के रूप में आयोजन कर रहा है। यह मेला आगंतुकों को एक विशिष्ट अनुभव प्रदान करेगा, जहाँ जम्मू-कश्मीर, पूर्वोत्तर राज्यों सहित देश के विभिन्न हिस्सों से आए दिव्यांग शिल्पियों द्वारा निर्मित उत्पाद—जैसे हैंडीक्राफ्ट, हैंडलूम, कढ़ाई कार्य, पैकेज्ड फूड आदि—एक ही स्थान पर उपलब्ध होंगे।
अनुभव क्षेत्रों के माध्यम से संवेदनशीलता का संदेश
दिव्य कला मेला अपने अनुभव क्षेत्रों, दिव्यांग खेल गतिविधियों एवं कला प्रदर्शनों के माध्यम से समाज को दिव्यांगता के प्रति संवेदनशील बनाने में भी सहायक रहा है। यह मेला दिव्यांग शिल्पियों, कलाकारों और उद्यमियों की क्षमताओं को प्रदर्शित करने का एक सशक्त मंच है।
यह मेला ‘वोकल फॉर लोकल’ को प्रोत्साहित करने के साथ-साथ दिव्यांग शिल्पकारों की सृजनात्मक प्रतिभा को नजदीक से देखने और सराहने का अवसर प्रदान करता है। दिल्ली दिव्य कला मेला में देश के लगभग 20 राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों से आए करीब 100 दिव्यांग शिल्पी, कलाकार और उद्यमी भाग ले रहे हैं। इस मेले में होम डेकोर एवं लाइफस्टाइल उत्पादों, वस्त्रों, स्टेशनरी एवं पर्यावरण-अनुकूल वस्तुओं, पैकेज्ड व ऑर्गेनिक फूड, साथ ही खिलौने, उपहार सामग्री, आभूषण, क्लच बैग आदि सहित विविध श्रेणियों के आकर्षक उत्पाद प्रदर्शित किए जा रहे हैं, जो दिव्यांग शिल्पकारों की सृजनात्मक प्रतिभा और उद्यमशीलता को दर्शाते हैं।
 
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