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सुबह जल्दी उठना क्यों है फायदेमंद? आयुर्वेद से जानिए दिन की सही शुरुआत का राज
By Virat baibhav | Publish Date: 9/8/2026 4:22:38 PM
सुबह जल्दी उठना क्यों है फायदेमंद? आयुर्वेद से जानिए दिन की सही शुरुआत का राज

नई दिल्ली। आजकल देर रात तक जागना और सुबह देर से उठना आम बात हो गई है। लेकिन यही आदत आगे चलकर बीमारियों का कारण बन जाती है। आयुर्वेदिक परंपरा में "ब्रह्ममुहूर्ते उत्तिष्ठेत्" यानी ब्रह्ममुहूर्त में उठने की सलाह दी गई है। माना जाता है कि दिन की शुरुआत अगर सही तरीके से हो, तो उसका सकारात्मक असर शरीर और मन दोनों पर पड़ सकता है।  आयुष मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर बताया कि ब्रह्म मुहूर्त को आमतौर पर सूर्योदय से करीब दो घंटे पहले का समय माना जाता है। इस समय वातावरण शांत, ताजा और अपेक्षाकृत स्वच्छ होता है। रात की अच्छी नींद के बाद शरीर को जरूरी आराम मिल चुका होता है और मन भी नई ऊर्जा के साथ दिन की शुरुआत के लिए तैयार रहता है। सुबह का शांत माहौल ध्यान, योग, प्राणायाम और आत्मचिंतन जैसे कामों के लिए अनुकूल माना जाता है। आयुर्वेद के अनुसार, सुबह जल्दी उठने की नियमित आदत मन को अधिक सजग, केंद्रित और शांत रखने में मदद कर सकती है। जब दिन की शुरुआत बिना जल्दबाजी के होती है, तो व्यक्ति अपने जरूरी कामों की बेहतर योजना बना सकता है। सुबह कुछ समय अपने लिए निकालने से सकारात्मक सोच विकसित करने और मानसिक शांति महसूस करने में भी मदद मिल सकती है। सुबह की ताजी हवा में टहलना, हल्का व्यायाम, योग और प्राणायाम करना भी अच्छा माना जाता है। इससे शरीर सक्रिय महसूस करता है और दिनभर की शुरुआत ऊर्जावान तरीके से हो सकती है। हालांकि, सिर्फ जल्दी उठना ही काफी नहीं है। इसके लिए रात में समय पर सोना और पर्याप्त नींद लेना भी उतना ही जरूरी है। नींद पूरी किए बिना जबरदस्ती बहुत जल्दी उठना थकान का कारण बन सकता है। आयुर्वेद में हर व्यक्ति की शारीरिक स्थिति और स्वास्थ्य को भी महत्व दिया गया है। इसलिए यदि किसी को बीमारी, कमजोरी, नींद की समस्या या अपच जैसी कोई परेशानी है, तो अपनी दिनचर्या में बड़ा बदलाव करने से पहले विशेषज्ञ की सलाह लेना बेहतर होता है।
 
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