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तृणमूल में फूट: नए गुट ने ऋतब्रत बनर्जी को नेता प्रतिपक्ष बनाया, ममता बनर्जी बनी रहेंगी पार्टी प्रमुख
By Virat baibhav | Publish Date: 3/6/2026 7:35:34 PM
कोलकाता। हाल ही में संपन्न पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों में हार के एक महीने बाद तृणमूल कांग्रेस में विभाजन की खबर अब आधिकारिक हो गई है। विधानसभा में तृणमूल कांग्रेस के कुल 80 विधायकों में से 58 विधायकों ने पार्टी से निष्कासित विधायकों ऋतब्रत बनर्जी और संदीपान साहा के नेतृत्व में बगावत कर दी है।बुधवार को विधानसभा में एक नया प्रस्ताव पेश किया गया, जिस पर इन 58 विधायकों के हस्ताक्षर थे। इसमें दावा किया गया कि वे ही तृणमूल कांग्रेस के असली प्रतिनिधि हैं। इस प्रस्ताव में हावड़ा जिले की उलुबेरिया (पूर्व) विधानसभा सीट से तृणमूल कांग्रेस के विधायक ऋतब्रत बनर्जी को नेता प्रतिपक्ष (एलओपी) नामित किया गया है।इसी प्रस्ताव में तृणमूल कांग्रेस के विधायकों को विपक्ष का उप नेता नामित किया गया है। इनमें उत्तरी कोलकाता की एंटाली विधानसभा सीट से संदीपान साहा, पश्चिम मेदिनीपुर जिले के केशपुर से शिउली साहा और दक्षिण 24 परगना जिले के कस्बा से जावेद अहमद खान शामिल हैं।रघुनाथगंज से तृणमूल कांग्रेस के अनुभवी विधायक अखरुज़्ज़मान को इस प्रस्ताव में विधानसभा में तृणमूल कांग्रेस के नए गुट का मुख्य सचेतक नामित किया गया है। हालांकि इस प्रस्ताव में पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को पार्टी की ‘सुप्रीमो’ यानी पार्टी अध्यक्ष के रूप में ही दर्शाया गया है।जिन 58 विधायकों के हस्ताक्षर इस प्रस्ताव पर थे, वे सभी सुबह से एक-एक करके विधानसभा परिसर में पहुंचने लगे। इसके बाद बागी विधायकों की एक आपात बैठक हुई, जिसमें विधानसभा में विपक्ष के लिए आरक्षित पांच सीटों के लिए पांच नामों का अनुमोदन किया गया।