नेशनल
आंध्र प्रदेश को केंद्र से मिली बड़ी सौगात, कैबिनेट ने अमरावती में नए आधुनिक सरकारी कार्यालय और आवासीय परिसर के निर्माण को दी मंजूरी
By Virat baibhav | Publish Date: 10/6/2026 6:07:52 PM
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (सीसीईए) की बैठक में बुधवार को आंध्र प्रदेश की नई राजधानी अमरावती में केंद्रीय सरकारी कार्यालयों और कर्मचारियों के लिए बड़े पैमाने पर बुनियादी ढांचे के विकास को मंजूरी दे दी गई। कैबिनेट ने सेंट्रल गवर्नमेंट जनरल पूल ऑफिस अकॉमोडेशन (सीजीजीपीओए) और जनरल पूल रेजिडेंशियल अकॉमोडेशन (जीपीआरए) परियोजनाओं को स्वीकृति प्रदान की है। इन परियोजनाओं का उद्देश्य केंद्रीय सरकारी कार्यालयों को एक ही परिसर में लाना और कर्मचारियों को बेहतर आवासीय सुविधाएं उपलब्ध कराना है। एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि सरकार अमरावती में 5.53 एकड़ क्षेत्र में आधुनिक केंद्रीय कार्यालय परिसर का निर्माण करेगी। इस परियोजना के तहत दो बड़े कार्यालय भवन बनाए जाएंगे। एक भवन में ग्राउंड फ्लोर समेत 13 मंजिलें होंगी, जबकि दूसरे भवन में ग्राउंड फ्लोर समेत 10 मंजिलें बनाई जाएंगी। दोनों इमारतों में कार्यालयों के साथ पार्किंग और अन्य आवश्यक सुविधाएं भी उपलब्ध होंगी।करीब 23.25 लाख वर्गफुट निर्मित क्षेत्र वाले इस परिसर में लगभग 8,000 अधिकारियों और कर्मचारियों के बैठने की व्यवस्था होगी। साथ ही करीब 1,800 वाहनों की पार्किंग की सुविधा भी विकसित की जाएगी। इस परियोजना की कुल अनुमानित लागत 1,299.08 करोड़ रुपए है, जिसे केंद्र सरकार बजटीय सहायता के माध्यम से वित्तपोषित करेगी।सरकार का मानना है कि विभिन्न केंद्रीय विभागों को एक ही परिसर में लाने से विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित होगा और प्रशासनिक कार्यों में तेजी आएगी। इससे आंध्र प्रदेश के नागरिकों को भी केंद्र सरकार की सेवाएं अधिक प्रभावी और सुगम तरीके से मिल सकेंगी।बयान में आगे कहा गया है कि यह ऑफिस परिसर आधुनिक और पर्यावरण-अनुकूल मानकों के अनुरूप तैयार किया जाएगा। भवनों को ऊर्जा दक्षता, जल संरक्षण और टिकाऊ निर्माण तकनीकों को ध्यान में रखते हुए डिजाइन किया जाएगा। परियोजना का लक्ष्य जीआरआईएचए 4-स्टार रेटिंग प्राप्त करना है और यह एनर्जी कंजर्वेशन एंड सस्टेनेबल बिल्डिंग कोड (ईसीएसबीसी) 2024 के मानकों का पालन करेगी।