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गुजरात के सूरत में जलभराव से कपड़ा उद्योग प्रभावित, व्यापारियों को करोड़ों का नुकसान
By Virat baibhav | Publish Date: 8/7/2026 11:02:18 PM
सूरत। गुजरात के सूरत में भारी बारिश से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। कई इलाकों में जलभराव और बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। इसका सबसे बड़ा असर सूरत की अर्थव्यवस्था की रीढ़ माने जाने वाले कपड़ा उद्योग पर पड़ा है। शहर के प्रमुख कपड़ा बाजारों में पानी भर जाने से करोड़ों रुपये का कपड़ा खराब हो गया, जिससे व्यापारियों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।सबसे अधिक प्रभावित रिंग रोड और उसके आसपास स्थित करीब 100 कपड़ा मार्केट रहे, जहां बेसमेंट में बनी सैकड़ों दुकानों में गंदा पानी घुस गया। दुकानों में रखी साड़ियां पूरी तरह भीग गईं।फेडरेशन ऑफ सूरत ट्रेड एंड टेक्सटाइल एसोसिएशंस (फोस्टा) के महासचिव दिनेश कटारिया ने बताया कि इस बार सूरत में 15 से 20 इंच तक बारिश हुई, जिसकी किसी ने कल्पना भी नहीं की थी। उन्होंने बताया कि बारिश इतनी तेज थी कि व्यापारियों को बेसमेंट से अपना माल निकालने का समय तक नहीं मिला। स्थिति तब और गंभीर हो गई जब खाड़ियों का बैकवॉटर और गटर का गंदा पानी बाजारों में घुस गया। गंदे पानी और कीचड़ से साड़ियों का रंग और कपड़ा पूरी तरह खराब हो गया। हजारों दुकानों में पानी भर जाने से कई व्यापारी आर्थिक रूप से पूरी तरह टूट गए हैं।
रक्षाबंधन का त्योहार नजदीक होने के कारण व्यापारियों ने पहले से ही बड़ी मात्रा में नया स्टॉक तैयार कर रखा था। अधिकांश दुकानदारों ने अपनी क्षमता के अनुसार 2,000 से 5,000 साड़ियों का स्टॉक रखा था, जिसकी कीमत 50 लाख से लेकर करोड़ों रुपये तक थी। बाढ़ ने त्योहार से पहले ही व्यापारियों की सारी तैयारियों पर पानी फेर दिया।प्रारंभिक अनुमान के अनुसार इस आपदा से सूरत के कपड़ा उद्योग को करीब 100-150 करोड़ का सीधा नुकसान हुआ है। केवल कपड़ा ही नहीं, बल्कि कपड़े के थान, पैकिंग सामग्री, फर्नीचर भी खराब हो गए। बाजारों में चारों ओर कीचड़ और गंदगी फैली हुई है। टेक्सटाइल युवा ब्रिगेड के ललित शर्मा का कहना है कि कपड़ा बाजार में फिलहाल अभी 100-150 करोड़ रुपये के नुकसान का अनुमान है। अगर बेसमेंट का पानी नहीं निकला और पुनः बारिश हुई तो यह आंकड़ा बढ़ सकता है। फिर भी सही अनुमान तो पूरा पानी निकलने के बाद ही लगाया जा सकता है।