Wednesday,15 July 2026,07:19 AM
ब्रेकिंग न्यूज़
वनडे सीरीज: गिल की कप्तानी पारी, इंग्लैंड को 6 विकेट से हराकर भारत ने सीरीज में बनाई लीडज स्‍ट्रेट में जहाजों से 20 प्रत‍िशत टोल वसूली के फैसले पर ट्रंप का यूटर्न, अब समझाया नया 'बिजनेस प्लान'भारत और स्पेन ने आपूर्ति श्रृंखलाओं और औद्योगिक साझेदारी को मजबूत बनाने के लिए सहयोग पर की चर्चाहोर्मुज स्ट्रेट में भारतीय क्रू मेंबर की मौत पर भारत सख्त, ईरान के सामने उठाया सुरक्षा का मुद्दा: विदेश मंत्रालयहोर्मुज स्ट्रेट में भारतीय क्रू मेंबर की मौत पर भारत सख्त, ईरान के सामने उठाया सुरक्षा का मुद्दा: विदेश मंत्रालयहोर्मुज स्‍ट्रेट तनाव: अमेरिका ने ईरान जाने वाले जहाजों को दी चेतावनी, बंदरगाहों से दूर रहने को कहाबांकीपुर उपचुनाव: भाजपा ने 40 स्टार प्रचारकों की लिस्ट जारी की, नितिन नवीन से लेकर सम्राट चौधरी तक करेंगे प्रचारपश्चिम एशिया तनाव के बीच ऊर्जा सुरक्षा पर भारत ने बढ़ाया फोकस: विदेश मंत्रालय
नेशनल
छत्तीसगढ़ में ईज ऑफ डूइंग बिजनेस विधेयक के प्रारूप को मंजूरी
By Virat baibhav | Publish Date: 8/7/2026 11:12:44 PM
छत्तीसगढ़ में ईज ऑफ डूइंग बिजनेस विधेयक के प्रारूप को मंजूरी

रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने उद्योगपतियों और निवेशकों को राहत देने के लिए छत्तीसगढ़ ईज ऑफ डूइंग बिजनेस (विनियमन-मुक्ति एवं सुविधा) विधेयक के प्रारूप को मंजूरी दी है, जिसके तहत ऐसा कानून लागू करने वाला छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य बन गया है।छत्तीसगढ़ में निवेश और उद्योगों को बढ़ावा देने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ कैबिनेट ने बुधवार को "छत्तीसगढ़ ईज ऑफ डूइंग बिजनेस (विनियमन-मुक्ति एवं सुविधा) विधेयक 2026" के प्रारूप को मंजूरी दे दी है। इस विधेयक का उद्देश्य व्यापार और उद्योग स्थापित करने की प्रक्रियाओं को अधिक सरल, पारदर्शी, डिजिटल और समयबद्ध बनाना है। नए कानून के लागू होने से निवेशकों को सरकारी प्रक्रियाओं में होने वाली अनावश्यक देरी और जटिलताओं से राहत मिलेगी। विधेयक में डीम्ड परमिशन, स्व-प्रमाणीकरण, तृतीय-पक्ष सत्यापन, जोखिम-आधारित निरीक्षण तथा दोहरे लाइसेंसिंग दायित्वों को समाप्त करने जैसे महत्वपूर्ण प्रावधान शामिल किए गए हैं।

सरकार का मानना है कि इन सुधारों से निवेशकों के लिए कारोबारी माहौल अधिक अनुकूल बनेगा। औद्योगिक विकास को गति मिलेगी और राज्य में बड़े पैमाने पर रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। राज्य के नगर निकायों में फल, सब्जी और डेयरी सहित 43 प्रकार के व्यवसायों को ट्रेड लाइसेंस की अनिवार्यता से पूरी तरह मुक्त कर दिया गया है। इस कदम से उद्योगों को स्थापित करने की प्रक्रिया अत्यधिक पारदर्शी और आसान हो जाएगी।

छत्तीसगढ़ रजिस्ट्री के तुरंत बाद जमीन का ऑटोमैटिक म्यूटेशन (नामांतरण) शुरू करने वाला भी देश का पहला राज्य है, जिससे 90+दिनों की देरी खत्म हो गई है। वन क्लिक सिंगल विंडो सिस्टम 2.0 डिजिटल पोर्टल के जरिए 10 अलग-अलग विभागों की 130 से अधिक सेवाएं सीधे ऑनलाइन दी जा रही हैं। नई औद्योगिक नीति(2024-30) के तहत सभी आवश्यक स्वीकृतियां मात्र सात से 30 दिनों के भीतर दी जा रही हैं, जिसके कारण उद्योगपतियों के लिए छत्तीसगढ़ में अब 'रेड कारपेट पॉलिसी' लागू है।

COPYRIGHT @ 2016 VIRAT VAIBHAV. ALL RIGHT RESERVED.DESIGN & DEVELOPED BY: 4C PLUS