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यूजीसी-नेट में गड़बड़ी पर राहुल का सरकार पर निशाना, बोले-एनटीए की गलती की कीमत छात्र क्यों चुकाएं, तय हो जवाबदेही
By Virat baibhav | Publish Date: 17/8/2026 11:14:41 PM
यूजीसी-नेट में गड़बड़ी पर राहुल का सरकार पर निशाना, बोले-एनटीए की गलती की कीमत छात्र क्यों चुकाएं, तय हो जवाबदेही

नई दिल्ली। राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (एनटीए) द्वारा प्रश्न पत्रों में कई त्रुटियां पाए जाने के बाद तीन विषयों के यूजीसी नेट परीक्षा पत्रों की पुनर्परीक्षा की घोषणा के बाद लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने सोमवार को केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए दावा किया कि इन परीक्षा अनियमितताओं के कारण छात्रों के साल बर्बाद हो रहे हैं।कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “मोदी जी, देखिए आपकी एनटीए ने अभी क्या किया है।”उन्होंने कहा कि सोशियोलॉजी, इंग्लिश और कॉमर्स के लिए यूजीसी-नेट परीक्षाएं 22 से 30 जून के बीच आयोजित की गई थीं। करीब दो महीने बाद एनटीए ने इन परीक्षाओं को रद्द कर दिया, क्योंकि कथित तौर पर गलत प्रश्नपत्र सेट किए गए थे और पुराने सवाल दोहराए गए थे।राहुल गांधी ने कहा कि हजारों अभ्यर्थियों ने वर्षों तक तैयारी की, परीक्षा फॉर्म भरे, फीस जमा की और दूर-दराज के परीक्षा केंद्रों तक यात्रा की। अब उन्हें सितंबर में दोबारा परीक्षा देनी होगी। उन्होंने सवाल उठाया कि गलती एनटीए की है, लेकिन इसकी कीमत छात्रों को क्यों चुकानी पड़ रही है।उन्होंने कहा कि वह कोटा, देहरादून और प्रयागराज में पहले भी यह मुद्दा उठा चुके हैं और आगे भी उठाते रहेंगे। उनके मुताबिक मौजूदा व्यवस्था अब शिक्षा व्यवस्था नहीं, बल्कि “एक्सट्रैक्शन मशीन” बन गई है, जो छात्रों का पैसा, समय, मानसिक स्वास्थ्य और आत्मविश्वास छीन लेती है और बदले में उन्हें पर्याप्त अवसर नहीं देती।राहुल गांधी ने एनटीए से यह भी सवाल किया कि क्या परीक्षा से पहले प्रश्नपत्र लीक हुए थे। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार और एनटीए अपनी गलतियों की जिम्मेदारी स्वीकार नहीं करते और गड़बड़ी वाले मामलों में जवाबदेही तय नहीं होती।उन्होंने कहा कि तत्कालीन शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा पहला कदम था, आखिरी नहीं। राहुल गांधी ने एनटीए के नेतृत्व की भी जवाबदेही तय करने की मांग की। उन्होंने दोबारा परीक्षा देने वाले छात्रों से कहा कि समस्या वे नहीं हैं और उनके अधिकारों के लिए विपक्ष सरकार से जवाब मांगता रहेगा।बता दें कि रविवार को इससे पहले, राष्ट्रीय शिक्षा प्राधिकरण (एनटीए) ने घोषणा की कि प्रश्न पत्रों में कई त्रुटियां पाए जाने के बाद वह अंग्रेजी, समाजशास्त्र और वाणिज्य के लिए विश्वविद्यालय अनुदान आयोग-राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा (यूजीसी-एनईटी) का पुनः आयोजन करेगा। इससे प्रतियोगी परीक्षाओं के संचालन में परीक्षा एजेंसी की विफलता को लेकर बढ़ती आलोचनाओं में और इजाफा हुआ है।
 
 
 
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