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‘पड़ोसी प्रथम’ नीति को बढ़ावा, श्रीलंका यात्रा पर जाएंगे राजनाथ सिंह
By Viraat Vaibhav | Publish Date: 6/9/2026 4:35:48 PM
‘पड़ोसी प्रथम’ नीति को बढ़ावा, श्रीलंका यात्रा पर जाएंगे राजनाथ सिंह

 
नई दिल्ली। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह 8 से 10 सितंबर तक श्रीलंका की यात्रा पर जाएंगे। इस तीन दिवसीय आधिकारिक यात्रा के दौरान वह श्रीलंका के शीर्ष नेतृत्व के साथ विभिन्न महत्वपूर्ण मुद्दों पर वार्ता करेंगे। माना जा रहा है कि यहां समुद्री सुरक्षा, दोनों देशों के संबंधों व रक्षा उद्योग जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर भी चर्चा की जाएगी। रक्षा मंत्री कोलंबो में भारतीय समुदाय के लोगों से भी मुलाकात करेंगे।  
 
बता दें कि भारत और श्रीलंका के बीच सदियों पुराने सभ्यतागत संबंध हैं। दोनों देशों के बीच क्षेत्रीय सुरक्षा, रक्षा, अर्थव्यवस्था, व्यापार और लोगों के बीच मजबूत संपर्क सहित कई क्षेत्रों में व्यापक साझेदारी भी है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की यह यात्रा ऐसे समय हो रही है, जब हिंद महासागर क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा का महत्व लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में भारत और श्रीलंका के बीच समुद्री सुरक्षा तथा रक्षा सहयोग इस यात्रा के प्रमुख क्षेत्रों में शामिल रहने की उम्मीद है। बीते दिनों श्रीलंका में भयंकर ‘दित्वाह’ चक्रवात आया था। इससे यहां भारी नुकसान हुआ था।
 
चक्रवात के दौरान आए तूफान में कई बड़े ब्रिज क्षतिग्रस्त हो गए, सड़क मार्ग टूट गए व जानमाल की भारी हानि हुई थी। ऐसी स्थिति में भारतीय सेना ने श्रीलंका में क्षतिग्रस्त ब्रिजों का पुनर्निर्माण किया। श्रीलंका में सड़क संपर्क बहाल किया व स्थानीय लोगों को चिकित्सा सहायता मुहैया कराई। भारत ने श्रीलंका के गंभीर आर्थिक संकट के दौरान उसे महत्वपूर्ण सहायता उपलब्ध कराई थी। भारत उन शुरुआती देशों में भी शामिल था, जिसने श्रीलंका में आए चक्रवात दित्वाह के बाद राहत और सहायता पहुंचाई थी।
 
भारत की इस भूमिका ने श्रीलंका के प्रति उसकी ‘पड़ोसी प्रथम’ नीति और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘महासागर’ यानी क्षेत्रों में सुरक्षा और विकास के लिए पारस्परिक एवं समग्र प्रगति के दृष्टिकोण को रेखांकित किया। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के साथ रक्षा मंत्रालय और विदेश मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों वाला एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल भी श्रीलंका जाएगा।
 
रक्षा मंत्रालय के अनुसार, राजनाथ सिंह की श्रीलंका यात्रा दोनों देशों के पारंपरिक रूप से मजबूत और मैत्रीपूर्ण संबंधों को और मजबूत करने में मदद करेगी। बातचीत में ऐसे क्षेत्रों पर विशेष ध्यान रहेगा, जिनसे दोनों देशों को पारस्परिक लाभ मिल सके। खास तौर पर समुद्री और रक्षा साझेदारी को और मजबूत करना भारत और श्रीलंका के बीच रणनीतिक सहयोग की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हिंद महासागर में दोनों देशों की भौगोलिक निकटता को देखते हुए समुद्री सुरक्षा, क्षेत्रीय स्थिरता और रक्षा सहयोग दोनों के साझा हित के प्रमुख क्षेत्र हैं।
 
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