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बलूचिस्तान में डॉ. आयशा फैज की गिरफ्तारी पर बीवाईसी का हंगामा, पाक‍िस्‍तान पर शांतिपूर्ण आवाजों को दबाने का आरोप
By Viraat Vaibhav | Publish Date: 6/9/2026 5:33:44 PM
बलूचिस्तान में डॉ. आयशा फैज की गिरफ्तारी पर बीवाईसी का हंगामा, पाक‍िस्‍तान पर शांतिपूर्ण आवाजों को दबाने का आरोप

 
क्वेटा। एक प्रमुख मानवाधिकार संगठन ने रिटायर्ड पुलिस सर्जन डॉ. आयशा फैज की गिरफ्तारी की निंदा की है और इसे पाकिस्तान के बलूचिस्तान में बिना घोषित मार्शल लॉ को और सख्ती से लागू करने की प्रक्रिया का हिस्सा बताया है।सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्‍स' पर जारी एक बयान में बलूच यकजेहती कमेटी (बीवाईसी) ने आरोप लगाया कि बलूचिस्तान में सामूहिक सजा और बलूच लोगों के खिलाफ अत्याचार का सिलसिला लगातार जारी है और इसकी तीव्रता बढ़ती जा रही है। संगठन का कहना है कि जो लोग इन कथित अत्याचारों और मानवाधिकार उल्लंघनों के खिलाफ आवाज उठाते हैं, उन्हें निशाना बनाया जाता है।
 
बीवाईसी ने कहा, "मस्तुंग में बागों को काटा जाना सामूहिक सजा की नीति का हिस्सा है और इन घटनाओं के खिलाफ आवाज उठाने पर डॉ. आयशा फैज की गिरफ्तारी बलूचिस्तान में बिना घोषित मार्शल लॉ को और आगे बढ़ाने का उदाहरण है। बलूचिस्तान में सामूहिक सजा और बलूच लोगों के खिलाफ कार्रवाई का यह सिलसिला लगातार और अधिक तीव्र होता जा रहा है।"संगठन ने कहा, "मीडिया के जरिए मस्तुंग के बाग मालिकों को दी गई सार्वजनिक चेतावनियां और उनके वर्षों की मेहनत से तैयार किए गए बागों को नष्ट करने की धमकियां यह साफ दिखाती हैं कि बलूचिस्तान में राज्य दमन और सामूहिक सजा की नीति को पहले से कहीं ज्यादा कठोर रूप से लागू किया जा रहा है।"
 
बीवाईसी का कहना है कि डॉ. आयशा फैज की गिरफ्तारी यह दिखाती है कि पाकिस्तान में बलूचिस्तान से जुड़े राजनीतिक और सामाजिक मुद्दों पर खुलकर बोलना लगभग प्रतिबंधित है। संगठन ने सामूहिक सजा, बागों को नष्ट किए जाने, लोगों को डराने-धमकाने और शांतिपूर्ण आवाजों को बल प्रयोग से दबाने की नीतियों का विरोध किया।
 
बीवाईसी ने 'एक्‍स' पर पोस्ट किया कहा, "जब भी कोई नागरिक इन कथित अत्याचारों और मानवाधिकार उल्लंघनों के खिलाफ आवाज उठाता है, उसे राज्य शक्ति का इस्तेमाल करके निशाना बनाया जाता है और सिर्फ सच बोलने की वजह से चुप कराने की कोशिश की जाती है। इसी तरह, वरिष्ठ नागरिक और सेवानिवृत्त पुलिस सर्जन डॉ. आयशा फैज की काउंटर टेररिज्म डिपार्टमेंट (सीटीडी) की ओर से गिरफ्तारी भी इस बात का एक और उदाहरण है कि बलूचिस्तान के राजनीतिक और सामाजिक मुद्दों पर बोलना सख्ती से रोका जा रहा है।"
 
बीवाईसी ने कहा, "हम साफ करना चाहते हैं कि बलूचिस्तान में राज्य के अत्याचार और दमन के खिलाफ हरसंभव तरीके से विरोध जारी रहेगा।"यह बयान ऐसे समय आया है जब स्थानीय मीडिया ने पुलिस सूत्रों के हवाले से बताया कि डॉ. आयशा फैज को काउंटर टेररिज्म डिपार्टमेंट (सीटीडी) ने गिरफ्तार किया है। उनके खिलाफ पाकिस्तान के आतंकवाद निरोधक कानून के तहत मामला दर्ज किया गया है।'द बलूचिस्तान पोस्ट' की रिपोर्ट के मुताबिक, पुलिस ने बताया क‍ि क्वेटा में हुई एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद यह मामला दर्ज किया गया, जहां डॉ. फैज ने बलूचिस्तान के मुख्यमंत्री मीर सरफराज बुगती और प्रांतीय गृह मंत्री की आलोचना की थी।
 
कुछ दिन पहले एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बोलते हुए डॉ. फैज ने बलूचिस्तान की राजनीतिक स्थिति, उसके ऐतिहासिक संदर्भ और हाल की घटनाओं पर चर्चा की थी। उन्होंने बलूच स्वतंत्रता आंदोलन में महिलाओं की भूमिका का भी जिक्र किया था। साथ ही मस्तुंग में सेब के बागों को बुलडोजर से नष्‍ट करने और भविष्य में किसी हिंसक घटना की स्थिति में लोगों को वहां से हटाने संबंधी सरफराज बुगती की हालिया टिप्पणियों की आलोचना की थी।
 
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