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15 हजार बच्चों को मिली शिक्षा सहायता, 134 करोड़ की विकास योजनाओं का आगाज
By Virat baibhav | Publish Date: 11/2/2026 7:43:12 PM
नई दिल्ली। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बुधवार को त्यागराज स्टेडियम में निर्माण श्रमिकों के बच्चों के लिए आर्थिक सहायता कार्यक्रम और गांवों से जुड़ी कई विकास परियोजनाओं की शुरुआत की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने निर्माण श्रमिकों के 15,706 बच्चों के लिए 12.40 करोड़ रुपए से अधिक की पढ़ाई से जुड़ी सहायता राशि सीधे उनके बैंक खातों में ट्रांसफर की। साथ ही, दिल्ली के दो गांवों में नए बने पंचायत घरों का उद्घाटन किया गया। इसके अलावा 37 गांवों में 59 नई विकास परियोजनाओं की शुरुआत की गई, जिनकी कुल अनुमानित लागत 134 करोड़ रुपए है। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में उपस्थित हजारों श्रमिकों को संबोधित करते हुए कहा कि दिल्ली केवल इमारतों और सडक़ों से नहीं बनती, बल्कि श्रमिकों के श्रम से बनती है। जो हाथ दिल्ली को गढ़ते हैं, उनकी सुरक्षा, सम्मान और भविष्य की जिम्मेदारी हमारी सरकार की प्राथमिकता है। कार्यक्रम में दिल्ली के श्रम एवं रोजगार मंत्री कपिल मिश्रा, दिल्ली ग्राम विकास बोर्ड के अध्यक्ष राजकुमार चौहान, श्रम विभाग के वरिष्ठ अधिकारी और अनेक जनप्रतिनिधि उपस्थित थे। पंडित दीनदयाल उपाध्याय की पुण्यतिथि का स्मरण करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार ‘अंत्योदय’ के सिद्धांत पर काम कर रही है, जिसका अर्थ है समाज की अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति को सशक्त बनाना। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विजन को साझा करते हुए कहा कि सत्ता हमारे लिए सुख भोगने का साधन नहीं, बल्कि सेवा का माध्यम है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछली सरकारों ने श्रमिकों के कल्याण के लिए जमा भारी सेस फंड का कभी सही उपयोग नहीं किया। पिछली सरकारों की नजर कभी गरीबों पर नहीं पड़ी, लेकिन हमारी सरकार ने अपने 365 दिन दिल्ली के लिए पसीना बहाने वाले मजदूर साथियों को समर्पित किए हैं। जब श्रमिक मजबूत होगा, तभी दिल्ली मजबूत बनेगी। मुख्यमंत्री ने बताया कि दिल्ली भवन एवं अन्य निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड (डीबीओसीडब्ल्यूडब्ल्यूबी) पंजीकृत निर्माण श्रमिकों के बच्चों के लिए शिक्षा सहायता योजना चला रहा है, ताकि आर्थिक तंगी उनकी पढ़ाई में बाधा न बने। इस योजना के तहत पहली से आठवीं कक्षा तक के बच्चों को 500 रुपये प्रतिमाह, नौवीं और दसवीं के छात्रों को 700 रुपये प्रतिमाह, ग्यारहवीं और बारहवीं के विद्यार्थियों को 1,000 रुपये प्रतिमाह और स्नातक स्तर पर पढऩे वाले छात्रों को 3,000 रुपये प्रतिमाह की सहायता दी जाती है। वहीं आईटीआई, पॉलिटेक्निक, इंजीनियरिंग, मेडिकल और एमबीए जैसे तकनीकी पाठ्यक्रमों में अध्ययन करने वाले छात्रों को 10,000 रुपये प्रतिमाह तक की आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है।