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निर्वाचन आयोग बंगाल की 78 बड़ी हाउसिंग सोसाइटी में मतदान केंद्र स्थापित करेगा
By Virat baibhav | Publish Date: 11/2/2026 11:25:47 PM
कोलकाता। निर्वाचन आयोग ने पश्चिम बंगाल के 78 बड़े आवासीय परिसरों में मतदान केंद्र स्थापित करने का निर्णय लिया है और इन आवासीय समितियों की सूची 25 फरवरी को प्रकाशित की जाएगी। आयोग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बुधवार को यह जानकारी दी। यह निर्णय मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनीक्षण (एसआईआर) के बीच आया है, जिससे राज्य में मतदाताओं की संख्या घटने की आशंका है। पश्चिम बंगाल में कुछ ही महीनों में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं।अधिकारी ने बताया,मतदान केंद्रों की स्थापना के लिए 78 आवासीय परिसर चिह्नित किए गए हैं। विस्तृत सूची 25 फरवरी को सार्वजनिक की जाएगी। एसआईआर प्रक्रिया के बाद मतदाताओं की संख्या में भारी कमी आने की आशंका है, इसलिए मतदान केंद्रों की कुल संख्या भी कम हो जाएगी।निर्वाचन आयोग का कहना है कि बहुमंजिला इमारतों में रहने वाले कई निवासी मतदान केंद्रों के दूर होने के कारण अक्सर मतदान नहीं करते हैं।चुनाव अधिकारी ने कहा,अनुभव से पता चलता है कि जब मतदान केंद्र दूर होते हैं, तो कई मतदाता, विशेषकर वरिष्ठ नागरिक, मतदान करने नहीं आते हैं। बड़े आवासीय परिसरों में मतदान केंद्र स्थापित करने से मतदान अधिक सुविधाजनक हो जाएगा।इससे पहले, आयोग ने कोलकाता सहित सात जिलों में 69 बहुमंजिला इमारतों में मतदान केंद्र स्थापित करने की योजना की घोषणा की थी।लांकि, बुधवार को आयोग ने कहा कि राज्य भर में आवासीय परिसरों की संख्या बढ़ाकर 78 कर दी गई है। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इससे पहले निर्वाचन आयोग को पत्र लिखकर इस कदम पर कड़ी आपत्ति जताई थी। आयोग ने स्पष्ट किया कि 300 से अधिक पंजीकृत मतदाताओं वाले आवासीय परिसरों में मतदान केंद्र स्थापित किए जाएंगे।बहुमंजिला आवासीय परिसरों के अंदर मतदान केंद्र स्थापित करने के प्रस्ताव पर मिली-जुली प्रतिक्रियाएं आईं। कुछ निवासियों ने इस कदम का विरोध करते हुए तर्क दिया कि इससे उनकी निजता और शांति भंग होगी।शहर के बेहाला इलाके में एक आवासीय परिसर के निवासी ने कहा, ैआवासीय परिसरों को मतदान केंद्रों में बदलने से हमारी सुरक्षा और दैनिक दिनचर्या प्रभावित होगी।हालांकि, कुछ अन्य लोगों ने इस पहल का समर्थन करते हुए कहा कि इससे मतदान में जनभागीदारी बढ़ेगी।