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फोनपे वॉलेट इनएक्टिविटी नोटिफिकेशन: यूजर्स के लिए क्या जानना है जरूरी?
By Virat baibhav | Publish Date: 20/6/2026 3:46:15 PM
फोनपे वॉलेट इनएक्टिविटी नोटिफिकेशन: यूजर्स के लिए क्या जानना है जरूरी?

नई दिल्ली। हाल ही में फोनपे द्वारा भेजे गए वॉलेट निष्क्रियता (इनएक्टिविटी) नोटिफिकेशन के बाद डिजिटल वॉलेट और उनके काम करने के तरीके को लेकर उपभोक्ताओं की दिलचस्पी बढ़ गई है। इन चर्चाओं के दौरान एक महत्वपूर्ण बात सामने आई है कि कई यूजर्स अब भी यह मानते हैं कि उनका फोनपे अकाउंट, यूपीआई अकाउंट और फोनपे वॉलेट एक ही चीज हैं। जबकि वास्तव में ये अलग-अलग भुगतान माध्यम हैं, जो स्वतंत्र रूप से काम करते हैं और अलग-अलग उद्देश्यों की पूर्ति करते हैं।  जैसे-जैसे डिजिटल भुगतान लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बनता जा रहा है, यह समझना जरूरी है कि वॉलेट कैसे काम करता है और यह यूपीआई से किस तरह अलग है। इससे उपभोक्ताओं को बेहतर निर्णय लेने और इस्तेमाल किए जा रहे उत्पादों को सही तरीके से समझने में मदद मिलती है। जब आप फोनपे पर यूपीआई के जरिए भुगतान करते हैं, तो पैसा सीधे आपके लिंक किए गए बैंक खाते से कटता है। दूसरी ओर, फोनपे वॉलेट एक प्रीपेड भुगतान साधन (पीपीआई) है, जिसमें पैसा आपके बैंक खाते से अलग रखा जाता है। यह अंतर इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि निष्क्रियता शुल्क (इनएक्टिविटी चार्ज) केवल फोनपे वॉलेट पर लागू होता है, न कि यूपीआई से जुड़े बैंक खातों पर। कई यूजर्स के मन में यह सवाल है कि यदि उनके वॉलेट में बैलेंस नहीं है, तो क्या फोनपे उनके बैंक खाते से निष्क्रियता शुल्क काट सकता है? इसका जवाब है - नहीं। यदि किसी यूजर का फोनपे वॉलेट लंबे समय तक निष्क्रिय रहा है और उसमें जीरो बैलेंस है, तो निष्क्रियता शुल्क उसके बैंक खाते या यूपीआई के जरिए वसूला नहीं जाएगा। इसी तरह वॉलेट का बैलेंस भी नकारात्मक नहीं होगा। कुछ यूजर्स ने शिकायत की है कि वे फोनपे का नियमित उपयोग करते हैं, फिर भी उन्हें निष्क्रियता नोटिफिकेशन मिला है। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि वॉलेट गतिविधि और यूपीआई गतिविधि को अलग-अलग ट्रैक किया जाता है। संभव है कि कोई ग्राहक रोजाना यूपीआई के जरिए क्यूआर कोड भुगतान, बिल भुगतान या पैसे ट्रांसफर करता हो, लेकिन उसका फोनपे वॉलेट महीनों या वर्षों से इस्तेमाल न हुआ हो। ऐसे मामलों में वॉलेट को निष्क्रिय माना जा सकता है, भले ही यूजर नियमित रूप से फोनपे ऐप का इस्तेमाल कर रहा हो। फोनपे के अनुसार, प्रभावित यूजर्स को किसी भी निष्क्रियता शुल्क की कटौती से 15 दिन पहले सूचना दी जाती है। कुछ यूजर्स का मानना है कि वॉलेट को दोबारा एक्टिव करने के लिए उन्हें फुल केवाईसी करानी होगी। हालांकि, वॉलेट को एक्टिव करने के लिए न्यूनतम केवाईसी वाले वॉलेट को फुल केवाईसी में बदलना जरूरी नहीं है। यूजर ओटीपी वेरिफिकेशन पूरा करके और वॉलेट के माध्यम से एक ट्रांजेक्शन करके अपना वॉलेट एक्टिव कर सकते हैं। फुल केवाईसी कराना सक्रियण की अनिवार्य शर्त नहीं है। कैशबैक से जुड़ा एक और भ्रम भी सामने आया है। कई यूजर्स मानते हैं कि कैशबैक की राशि उनके फोनपे वॉलेट में जमा होती है। जबकि वास्तव में कैशबैक आमतौर पर एक अलग उपहार कार्ड बैलेंस में जमा किया जाता है, जो फोनपे वॉलेट से अलग होता है। इसलिए कैशबैक प्राप्त होने का मतलब यह नहीं है कि आपका वॉलेट एक्टिव है और न ही इसका अर्थ है कि उस कैशबैक राशि पर वॉलेट निष्क्रियता शुल्क लागू होगा। वॉलेट बंद करना और ग्राहक सहायता कुछ यूजर्स ने ऐप के माध्यम से अपना वॉलेट बंद करने की कोशिश के दौरान त्रुटि संदेश या अतिरिक्त सत्यापन जैसी समस्याओं की शिकायत की है। ऐसी स्थिति में यूजर्स को अकाउंट बंद करने या वॉलेट से संबंधित समस्याओं के समाधान के लिए फोनपे ग्राहक सहायता से संपर्क करने की सलाह दी जाती है। निष्क्रियता शुल्क क्यों लिया जाता है? वॉलेट को प्रीपेड भुगतान साधन के रूप में विनियमित किया जाता है और इसके लिए रखरखाव, अनुपालन और परिचालन सहायता की आवश्यकता होती है, भले ही उनका सक्रिय रूप से उपयोग न किया जा रहा हो। इसी वजह से कुछ वॉलेट प्रदाता लंबे समय से निष्क्रिय पड़े वॉलेट पर निष्क्रियता या रखरखाव शुल्क लगाते हैं। यह केवल एक कंपनी तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रीपेड भुगतान क्षेत्र में कई वॉलेट प्रदाताओं द्वारा अपनाई जाने वाली व्यवस्था है। इस पूरे मामले में सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि निष्क्रियता शुल्क केवल फोनपे वॉलेट पर लागू होता है, जो एक अलग प्रीपेड भुगतान साधन है। यह यूपीआई लेनदेन पर लागू नहीं होता, बैंक खाते को प्रभावित नहीं करता और वॉलेट को निगेटिव बैलेंस में भी नहीं ले जाता। जिन यूजर्स को ऐसा नोटिफिकेशन मिला है, उनके लिए सबसे जरूरी कदम यह है कि वे यह जांचें कि उनके पास एक्टिव फोनपे वॉलेट है या नहीं और फिर तय करें कि वे उसे जारी रखना चाहते हैं, दोबारा एक्टिव करना चाहते हैं या बंद करना चाहते हैं।
 
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