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तमिलनाडु सरकार ने रोजगार बढ़ाने के लिए शुरू की पुनर्नियुक्त अधिकारियों की भूमिका की समीक्षा
By Virat baibhav | Publish Date: 10/6/2026 4:47:36 PM
चेन्नई। सरकारी खर्च कम करने और युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए तमिलनाडु सरकार ने अलग-अलग विभागों में दोबारा नौकरी या कॉन्ट्रैक्ट पर काम कर रहे सलाहकारों और रिटायर हो चुके अधिकारियों के कामकाज की व्यापक समीक्षा शुरू की है।ह्यूमन रिसोर्स मैनेजमेंट डिपार्टमेंट (एचआर) ने सभी विभागों के सचिवों को निर्देश दिया है कि वे अपने विभागों में काम कर रहे कंसल्टेंट्स, सलाहकारों और रिटायर हो चुके कर्मचारियों के बारे में पूरी जानकारी दें।उम्मीद है कि इस कवायद से सरकार को ऐसी नियुक्तियों की जरूरत का आकलन करने और यह तय करने में मदद मिलेगी कि क्या उनके द्वारा संभाले जा रहे प्रशासनिक कामों को नियमित सरकारी कर्मचारियों को सौंपा जा सकता है।सरकारी सूत्रों ने बताया कि यह समीक्षा सरकार की उस व्यापक कोशिश का हिस्सा है, जिसके तहत पिछली डीएमके सरकार के दौरान की गई नियुक्तियों का मूल्यांकन किया जा रहा है और मौजूदा प्रशासन के तहत उनकी प्रासंगिकता की जांच की जा रही है।उम्मीद है कि इसके नतीजों के आधार पर ऐसी नियुक्तियों के भविष्य को लेकर कोई नीतिगत फैसला किया जाएगा।यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है, जब राज्य के सरकारी विभागों, बोर्डों, निगमों और सार्वजनिक क्षेत्र के संस्थानों में लगभग 3.5 लाख पद खाली पड़े हैं। माना जा रहा है कि टीवीके के नेतृत्व वाली सरकार नई भर्तियों के ज़रिए इन खाली पदों को भरने के तरीकों पर विचार कर रही है, ताकि सरकारी नौकरी का इंतजार कर रहे योग्य युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा किए जा सकें।