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मजार-ए-शुहादा जाने से रोकने पर भड़के उमर अब्दुल्ला, बोले- 'पढ़ना चाहिए था इतिहास', भाजपा के नोटिस पर भी दिया जवाब
By Virat baibhav | Publish Date: 13/7/2026 11:13:48 PM
मजार-ए-शुहादा जाने से रोकने पर भड़के उमर अब्दुल्ला, बोले- 'पढ़ना चाहिए था इतिहास', भाजपा के नोटिस पर भी दिया जवाब

श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने सोमवार को नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेताओं को 'मजार-ए-शुहादा' जाने से रोके जाने पर ऐतराज जताया। उन्होंने कहा कि यह दुख की बात है कि जिन लोगों ने जुल्म के खिलाफ और जम्मू-कश्मीर की गरिमा की रक्षा के लिए लड़ाई लड़ी, आज हमें उन्हें श्रद्धांजलि देने की इजाजत नहीं है। इसके साथ ही, उमर अब्दुल्ला ने भाजपा के कानूनी नोटिस पर भी प्रतिक्रिया दी।

मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि यह फैसला लिया गया कि शहीद मजार को बंद कर दिया जाए। शहीद मजार को बंद करने का फैसला लेने वालों को जम्मू-कश्मीर का इतिहास पढ़ना चाहिए था।उमर अब्दुल्ला ने कहा कि इस लड़ाई को सिर्फ मजहब की तराजू में तोला जा रहा है। यह कोई धार्मिक युद्ध नहीं था, बल्कि लोकतंत्र और अंग्रेजों से आजादी की रक्षा के लिए लड़ी गई लड़ाई थी। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज नहीं तो कल हम वहां जाएंगे पुष्पांजलि अर्पित करेंगे और फातिहा पढ़ेंगे।

भाजपा की ओर से भेजे गए कानूनी नोटिस पर उमर अब्दुल्ला ने कहा, "मैं इसे बहुत सम्मान की बात मानता हूं, क्योंकि मैं ही एकमात्र राजनेता हूं जिसे यह नोटिस मिला है। मैं इसे सम्मान का प्रतीक मानता हूं। मैं एक ऐसी राजनीतिक ताकत हूं, जिसे वे नजरअंदाज नहीं कर सकते।"जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा जिस तरह से राजनीतिक लड़ाई लड़ती है, यह उसका भी एक प्रतीक है। मैंने एक राजनीतिक मंच पर अपनी बात रखी थी और उम्मीद थी कि भाजपा राजनीतिक रूप से जवाब देगी, लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया। उन्होंने दिखा दिया है कि वे कोर्ट की आड़ लेंगे। उमर अब्दुल्ला ने आगे कहा, "हम भी नेशनल कॉन्फ्रेंस पर आरोप लगाने वाले भाजपा नेताओं को कानूनी नोटिस भेजना शुरू करेंगे।"बता दें कि उमर अब्दुल्ला ने एक सार्वजनिक सभा में भाजपा पर नेशनल कॉन्फ्रेंस के विधायकों को तोड़ने और सरकार गिराने की कोशिश के आरोप लगाए थे। भाजपा ने इसके सबूत मांगे हैं। इसके साथ ही, कानूनी नोटिस भेजते हुए 100 करोड़ रुपए के मानहानि मुकदमे की चेतावनी दी है।इस दौरान, दिल्ली के जंतर-मंतर पर रैली की अनुमति को लेकर उमर अब्दुल्ला ने कहा, "हम दिल्ली पुलिस के नोटिस और जवाब का इंतजार कर रहे हैं।

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