एआई-आधारित सुधारों के साथ शासन व्यवस्था के नए दौर में प्रवेश कर रहा भारत: जितेंद्र सिंह
नई दिल्ली। केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी तथा पृथ्वी विज्ञान राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने सोमवार को कहा कि भारत आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और डिजिटल प्लेटफॉर्म को केंद्र में रखकर अगली पीढ़ी के प्रशासनिक और ई-गवर्नेंस सुधारों के जरिए शासन व्यवस्था के नए चरण में प्रवेश कर रहा है।
एक आधिकारिक बयान के अनुसार, डॉ. जितेंद्र सिंह ने शिलांग में आयोजित 'नेक्स्ट जेनरेशन एडमिनिस्ट्रेटिव एंड ई-गवर्नेंस रिफॉर्म्स' पर दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन का उद्घाटन किया, जिसका आयोजन प्रशासनिक सुधार एवं लोक शिकायत विभाग (डीएआरपीजी) और मेघालय सरकार ने संयुक्त रूप से किया।डॉ. सिंह ने पिछले एक दशक में हुए प्रशासनिक सुधारों का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार ने करीब 2,000 अप्रासंगिक और पुराने नियमों को समाप्त किया है। उन्होंने कहा कि भविष्य के प्रशासनिक सुधारों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, साइबर सुरक्षा, डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर और नागरिक-केंद्रित सेवा प्लेटफॉर्म को प्रमुख स्थान दिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि 56 करोड़ से अधिक जनधन खाते, आधार-आधारित सेवाएं, डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) और यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (यूपीआई) ने सरकार और नागरिकों के बीच संबंधों को पूरी तरह बदल दिया है।मंत्री ने बताया कि आज यूपीआई हर महीने 18 अरब से अधिक डिजिटल ट्रांजैक्शन प्रोसेस करता है, जिससे भारत डिजिटल भुगतान के क्षेत्र में वैश्विक नेतृत्व की भूमिका निभा रहा है।
उन्होंने कहा कि सरकार ने नियामक (रेगुलेटरी) भूमिका से आगे बढ़ते हुए सुविधा प्रदाता (फैसिलिटेटर) की भूमिका अपनाई है और नीति निर्माण से लेकर सार्वजनिक सेवाओं की डिलीवरी तक नागरिकों को केंद्र में रखा है।डॉ. सिंह ने बताया कि प्रशासनिक सुधार एवं लोक शिकायत विभाग (डीएआरपीजी) ने केंद्रीकृत लोक शिकायत निवारण एवं निगरानी प्रणाली (सीपीजीआरएएमएस) को दुनिया के सबसे बड़े तकनीक-संचालित शिकायत निवारण प्लेटफॉर्म में बदल दिया है।