उत्तर प्रदेश
यूपी में 2017 के पहले सपाई हड़प लेते थे गरीबों का राशन कार्ड : मुख्यमंत्री योगी
By Virat baibhav | Publish Date: 17/8/2026 3:07:22 PM
लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राशन कोटेदारों की आस पूरी करते हुए सोमवार को लोकभवन में सिंगल स्टेज डोर-स्टेप डिलीवरी के अंतर्गत ई-पॉस आधारित उचित दर विक्रेता फीडबैक प्रणाली का शुभारंभ किया। योगी ने बटन दबाकर उत्तर प्रदेश के 78 हजार से अधिक उचित दर विक्रेताओं के लाभांश में हुई वृद्धि (90 रुपये से बढ़ाकर 125 रुपये प्रति कुंतल) का उपहार दिया। उन्होंने कहा कि मार्जिन मनी में 35 रुपये की वृद्धि (10 रुपये केंद्र सरकार व 25 रुपये राज्य सरकार) से आपने लंबी छलांग लगाई है। हमने 25 रुपये और बढ़ाने के लिए भारत सरकार को पत्र लिखा है। समय लगेगा लेकिन यह कार्य हो गया तो आपके लिए और भी अच्छी व्यवस्था होगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सरकारी राशन वितरण के उचित दर विक्रेताओं से अपील की कि वह कार्य करिए, जिसमें सम्मान हो। जिसमें सम्मान न हो, वह कार्य कभी नहीं करना चाहिए। इससे पीढ़ियां खराब होती हैं, उन पर दुष्प्रभाव पड़ता है। उन्होंने 2017 के बाद आए बदलाव का जिक्र किया और कहा कि अब कोई आप पर अंगुली नहीं उठा सकता। 2017 के पहले सपाई गरीब का राशन कार्ड अपने घर में रख लेते थे, जिससे वह भूख से मरता था परंतु अब ऐसी स्थिति नहीं है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के जरिए प्रदेश के 15 करोड़ लोगों को लगातार निःशुल्क राशन मिल रहा है। निराश्रितों/दिव्यांगों का राशन घर तक पहुंचाने की व्यवस्था हो रही है। दो करोड़ परिवारों को फ्री में रसोई गैस के कनेक्शन, 1.53 करोड़ परिवारों को फ्री में बिजली कनेक्शन उपलब्ध कराए गए। राशन की 10 हजार दुकानों को अन्नपूर्णा भवन के रूप में स्थापित किया गया है। यह परिणाम राज्य की उन्नति को बताते हैं। मुख्यमंत्री ने वर्ष 2017 से पहले उचित दर मूल्य के विक्रेताओं का दर्द बयां किया। उन्होंने कहा कि आप तब भी मेहनत करते थे लेकिन शासन राशन नहीं भेजता था तो गाली आपको खानी पड़ती थी। उनकी लूट का खामियाजा आपको भुगतना पड़ता था। लोग शक की निगाहों से देखते थे। कोटेदार शब्द से ही लोगों को चिढ़ सी होने लग गई थी। गलती आपकी नहीं थी। पाप कोई करता था, भुक्तभोगी कोई और होता था। उस समय सत्तासीन लोगों की नीयत में खोट था।