कानून के अनुसार हुई सहारनपुर मस्जिद पर कार्रवाई, इसे राजनीतिक चश्मे से न देखें : सुधांशु त्रिवेदी
नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी के राज्यसभा सदस्य और राष्ट्रीय प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने सहारनपुर मस्जिद ध्वस्तीकरण की कार्रवाई और झारखंड पब्लिक सर्विस कमीशन (जेपीएससी) मामले को लेकर शनिवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस की। सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि जहां तक सहारनपुर की घटना का सवाल है, एजेंसियां और सरकार के जो भी विभाग शामिल हैं, वे कानून के अनुसार कार्रवाई कर रहे हैं। इसलिए इसे राजनीतिक नजरिए से देखने की जरूरत नहीं है, न ही किसी इमारत को उसकी धार्मिक पहचान के नजरिए से देखने की जरूरत है। कोई भी ढांचा हो, उसे केवल इस नजरिए से देखना चाहिए कि वह कानूनी है या गैरकानूनी।
सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि झारखंड में जेपीएससी की जांच में जो तथ्य सामने आए हैं, वो बहुत हैरान करने वाले हैं और कांग्रेस नीत इंडिया ब्लॉक की छात्र हितों को लेकर असली हकीकत को बयां करते हैं।भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि जांच में यह सामने आया है कि असिस्टेंट कंजर्वेटर ऑफ फॉरेस्ट और फॉरेस्ट रेंज ऑफिसर की परीक्षा में स्ट्रॉन्ग रूम को तोड़कर प्रश्न पत्रों को निकाला गया और उसके अंदर बदलाव किया गया। अर्थात झारखंड में जो कुछ हुआ, ये पेपर लीक नहीं, बल्कि ये पेपर लूट है। उन्होंने सवाल किया कि ये लूट की छूट कौन दे रहा है, इसका जवाब राहुल गांधी को देना चाहिए।"
सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि झारखंड में जो कुछ भी सामने आया है, उसने कांग्रेस की हकीकत को उजागर कर दिया है और दूध का दूध, पानी का पानी कर दिया है।उन्होंने कांग्रेस पर हमला बोलते हुए कहा कि दिल्ली में परीक्षा के मुद्दे पर जो राजनीतिक दल शोर मचा रहे थे, झारखंड के मामले पर वो चुप हैं। भाजपा प्रवक्ता ने कहा, "बचपन में हम गांधी जी के तीन बंदरों की बात सुनते थे, अब लगता है वे राहुल गांधी के तीन बंदर बन गए हैं। जो कुछ देखना नहीं चाहते, आंख बंद करके बैठे हैं, जो कुछ सुनना नहीं चाहते, कान बंद करके बैठे हैं और जो कुछ बोलना नहीं चाहते, मुंह पर हाथ रखकर बैठे हैं।"
उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर उनकी चुप्पी झारखंड प्रदेश और सारे अभ्यर्थियों के दिल में चीख की तरह सुनाई पड़ रही है। उन्होंने छात्रों से कहा कि कांग्रेस की इस चुप्पी को समझना जरूरी है। भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि उनकी यह चुप्पी बहुत तेज आवाज में सुनाई दे रही है और यह पूरे देश के अभ्यर्थियों के दिल में गूंज रही है।सांसद सुधांशु त्रिवेदी कांग्रेस शासित राज्यों में महिला प्रतिनिधित्व को लेकर उठाया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी की चार राज्यों में सरकार है, लेकिन वहां महिला मंत्रियों की संख्या बेहद कम है।
उन्होंने कहा, "हिमाचल प्रदेश में महिला मंत्री शून्य, कर्नाटक में महिला मंत्री शून्य, केरल में महिला मंत्री दो और तेलंगाना में महिला मंत्री दो थीं, जिनमें से एक को हटा दिया गया है। यानी चार सरकारें और महिला मंत्री सिर्फ तीन। ये बहुत नाइंसाफी है।"उन्होंने कहा कि इस नाइंसाफी पर राहुल गांधी चुप हैं, मल्लिकार्जुन खड़गे भी चुप हैं। यह दर्शाता है कि वे मन, वचन और कर्म तीनों से महिलाओं को राजनीति में प्रतिनिधित्व देने के विरोधी हैं। इसलिए ये जो कहते हैं, वो करते नहीं हैं।सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि खड़गे ने महिला आरक्षण बिल पर प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर मांग की थी कि इसे बिना परिसीमन के तुरंत लागू किया जाए, जबकि बिल में साफ लिखा है कि इसे परिसीमन के साथ लागू किया जाएगा।