नेशनल
राजकोट मंडल : अलीयावाडा स्टेशन पर मात्र 7 घंटे के ब्लॉक में आधुनिक आरसीसी ट्विन बॉक्स ब्रिज निर्माण कार्य पूर्ण
By Virat baibhav | Publish Date: 21/5/2026 3:19:39 PM
राजकोट। पश्चिम रेलवे के राजकोट मंडल ने रेल अधोसंरचना सुदृढ़ीकरण एवं यात्री सुरक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए अलीयावाडा स्टेशन यार्ड स्थित पुराने ब्रिज संख्या 311 को आधुनिक आरसीसी ट्विन बॉक्स ब्रिज में सफलतापूर्वक परिवर्तित किया है। इस कार्य से जल निकासी क्षमता में वृद्धि होने के साथ-साथ रेल पथ की सुरक्षा एवं स्थायित्व में भी वृद्धि हुई है।राजकोट मंडल के वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक श्री सुनील कुमार मीना के अनुसार पूर्व में यह पुल 2 x 1.83 मीटर स्पान वाले पुराने आरसीसी स्लैब प्रकार पुल के रूप में कार्यरत था, जिसे अब 2 x 1.85 x 1.56 मीटर स्पान वाले आधुनिक आरसीसी ट्विन बॉक्स ब्रिज में परिवर्तित किया गया है। इस उन्नयन से जल प्रवाह की क्षमता बढ़ी है, जिससे वर्षा ऋतु के दौरान जलभराव की संभावना कम होगी तथा रेल परिचालन अधिक सुरक्षित एवं सुचारु बन सकेगा। यह कार्य दिनांक 20 मई, 2026 को राजकोट मंडल के अलीयावाडा स्टेशन पर प्रस्तावित दोहरीकरण परियोजना के अंतर्गत निर्माण विभाग द्वारा मात्र 7 घंटे के ब्लॉक में अत्यंत सूक्ष्म योजना एवं कुशल समन्वय के साथ सफलतापूर्वक पूरा किया गया। कार्य के दौरान ट्रैक को हटाना, पुराने पुल को तोड़ना, नए बॉक्स एवं बेस स्लैब को स्थापित करना, पुनः ट्रैक बिछाना तथा ओएचई समायोजन जैसे जटिल कार्य निर्धारित समयसीमा में पूर्ण किए गए, जिसके बाद रेल यातायात को पुनः सुचारु रूप से प्रारंभ कर दिया गया। राजकोट मंडल रेल प्रबंधक श्री गिरिराज कुमार मीना ने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि राजकोट मंडल निरंतर आधुनिक एवं सुरक्षित रेल अधोसंरचना विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि अलीयावाडा स्टेशन यार्ड में स्थित ब्रिज संख्या 309, 310 एवं 311 के पुनर्निर्माण का महत्वपूर्ण अधोसंरचना आधुनिकीकरण कार्य निर्माण विभाग द्वारा हाल ही में मात्र 10 दिनों की अल्प अवधि में सफलतापूर्वक पूरा किया गया है, जो मंडल की कुशल योजना, उत्कृष्ट समन्वय एवं त्वरित निष्पादन क्षमता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के कार्यों से न केवल रेल परिचालन की सुरक्षा एवं विश्वसनीयता में वृद्धि होती है, बल्कि भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए यात्रियों को बेहतर एवं निर्बाध रेल सेवाएं उपलब्ध कराने में भी सहायता मिलती है।