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अहमदाबाद
गुजरात में मच्छरजनित बीमारियों को लेकर बड़ा अभियान, 94 लाख मलेरिया जांच पूरी
By Virat baibhav | Publish Date: 17/7/2026 3:22:51 PM
गुजरात में मच्छरजनित बीमारियों को लेकर बड़ा अभियान, 94 लाख मलेरिया जांच पूरी

गांधीनगर। गुजरात स्वास्थ्य विभाग ने मानसून के दौरान मच्छरजनित बीमारियों की रोकथाम के लिए निगरानी और बचाव अभियान तेज करते हुए इस वर्ष अब तक 94 लाख से अधिक मलेरिया जांच की हैं। राज्यभर में 19,500 से अधिक स्वास्थ्य टीमें घर-घर जाकर 6.51 करोड़ लोगों तक पहुंच चुकी हैं।राज्य सरकार के अनुसार, मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के मार्गदर्शन और स्वास्थ्य मंत्री प्रफुल पानसेरिया के नेतृत्व में 'राष्ट्रीय वेक्टर जनित रोग नियंत्रण कार्यक्रम' के तहत यह अभियान चलाया जा रहा है। इसका उद्देश्य मानसून के दौरान मलेरिया, डेंगू और चिकनगुनिया जैसी बीमारियों के प्रसार को रोकना है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि वर्ष 2026 में अब तक मलेरिया की शुरुआती पहचान के लिए रिकॉर्ड 94 लाख रक्त नमूनों की जांच की गई है। इनमें 486 लोगों में मलेरिया की पुष्टि हुई, जिन्हें सरकार की ओर से निशुल्क उपचार उपलब्ध कराया गया है। अन्य वेक्टर जनित बीमारियों की जांच को मजबूत बनाने के लिए राज्य के मेडिकल कॉलेजों से संबद्ध 42 अस्पतालों में विशेष जांच केंद्र स्थापित किए गए हैं। इन केंद्रों पर डेंगू की जांच के लिए 65,293 सीरम नमूनों और चिकनगुनिया की जांच के लिए 9,963 सीरम नमूनों की जांच की जा चुकी है। इसके साथ ही विभाग ने मैदानी स्तर पर निगरानी भी तेज कर दी है। राज्यव्यापी घर-घर सर्वे अभियान के दूसरे चरण में 19,500 से अधिक स्वास्थ्य टीमों ने 6.51 करोड़ से अधिक आबादी को कवर किया। इस दौरान बुखार के लक्षण वाले लोगों की जांच की गई, जिसमें मलेरिया के 28 नए मरीजों की पहचान हुई और उनका तत्काल उपचार शुरू किया गया। मच्छरों की रोकथाम के तहत पूरे राज्य में 29 लाख से अधिक संभावित मच्छर प्रजनन स्थलों को नष्ट किया गया है। इसके अलावा मच्छरों की संख्या कम करने के लिए तीन लाख से अधिक घरों में फॉगिंग कराई गई है।दीर्घकालिक नियंत्रण के लिए वर्षभर जलभराव वाले 4,998 स्थानों पर मच्छरों के लार्वा खाने वाली विशेष मछलियां छोड़ी गई हैं। अधिकारियों ने बताया कि वेक्टर जनित रोगों के प्रति संवेदनशील 24 जिलों के 116 गांवों में कीटनाशक छिड़काव के पहले चरण में लगभग 1.06 लाख लोगों को कवर किया गया है। दूसरे चरण का छिड़काव अभियान 1 अगस्त से शुरू होगा। स्वास्थ्य मंत्री प्रफुल पानसेरिया ने राज्य के सभी सरपंचों से इस अभियान को जन आंदोलन बनाने के लिए प्रशासनिक और सामाजिक सहयोग देने की अपील की। स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि राज्यभर में मलेरिया रोधी दवाओं, कीटनाशकों और लार्वीसाइड की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। साथ ही, सोशल मीडिया और प्रिंट मीडिया के माध्यम से जनजागरूकता अभियान भी चलाया जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार, वेक्टर जनित रोगों की स्थिति पर दैनिक, साप्ताहिक और मासिक स्तर पर लगातार निगरानी रखी जा रही है, ताकि संक्रमण के प्रसार पर प्रभावी नियंत्रण किया जा सके।
 
 
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