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फैक्ट्री में हुए धमाके के बाद गुजरात में 39.57 करोड़ के अवैध पटाखे जब्त किए गए
By Virat baibhav | Publish Date: 21/7/2026 3:10:04 PM
फैक्ट्री में हुए धमाके के बाद गुजरात में 39.57 करोड़ के अवैध पटाखे जब्त किए गए

अहमदाबाद। अहमदाबाद के रामोल इलाके में कथित तौर पर अवैध पटाखे बनाने वाली यूनिट में हुए जानलेवा धमाके के तीन दिन बाद गुजरात पुलिस ने शहर के दो गोदामों से 39.57 करोड़ रुपये से अधिक कीमत के अवैध पटाखे जब्त किए हैं। प्रशासन पूरे जिले में विस्फोटक पदार्थों के असुरक्षित भंडारण और रखरखाव के खिलाफ कार्रवाई तेज कर रहा है।  चांगोदर पुलिस के अनुसार, रविवार को अधिकारी मटोडा बीट इलाके में गश्त कर रहे थे, तभी उन्हें पटाखे गैरकानूनी तरीके से जमा किए जाने की विश्वसनीय जानकारी मिली। इस जानकारी के आधार पर पुलिस ने मोडासर चौराहे और अमाथापुरा गांव को जोड़ने वाली सड़क पर 'अंबिका ट्रेड लिंक' नाम से चल रहे एक गोदाम में स्वतंत्र गवाहों की मौजूदगी में तलाशी अभियान चलाया।तलाशी के दौरान आमने-सामने बने दो गोदाम मिले, जिनमें से हर एक का आकार लगभग 70 गुणा 25 मीटर था। इनमें अलग-अलग तरह के पटाखों के 65,954 कार्टन भरे हुए थे, जिनकी अनुमानित कीमत 39,57,90,000 रुपये थी। पुलिस ने बताया कि प्रवेश द्वार के पास अग्निशमन यंत्र, रेत की बाल्टियां और आग बुझाने वाले पानी के पाइप मौजूद थे, लेकिन जमा किए गए विस्फोटक की मात्रा को देखते हुए आग से सुरक्षा के इंतजाम नाकाफी थे। अधिकारियों को गोदामों में कोई वॉटर स्प्रिंकलर सिस्टम नहीं मिला। तय स्टोरेज एरिया के बाहर, टीन की छत वाले शेड के नीचे पटाखे के कार्टन भी रखे हुए मिले। इनके सामने एक मोटा कपड़ा डाला गया था। पुलिस के मुताबिक, आग लगने या धमाका होने की स्थिति में इससे इंसानों की जान, आस-पास रहने वाले लोगों और आस-पास की प्रॉपर्टी के लिए "गंभीर खतरा" पैदा हो सकता था। इस मामले में दो लोगों के नाम सामने आए हैं। पहला नाम अमितकुमार मोदी का है, जो अहमदाबाद शहर में सैटेलाइट पुलिस स्टेशन के सामने सत्याग्रह सोसाइटी में रहते हैं। पुलिस ने उन्हें लाइसेंस होल्डर और इस कारोबार के लिए जिम्मेदार व्यक्ति बताया है। दूसरा नाम किशन पटेल (29) का है, जो बावला तालुका के दहेगामडा गांव के रहने वाले हैं। वे घटना वाली जगह पर मौजूद थे और उन पर वेयरहाउस का मैनेजमेंट और स्टॉक की देखरेख करने का आरोप है। दोनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस ने कहा कि जांच जारी है ताकि फर्म की कानूनी स्थिति का पता लगाया जा सके, दूसरे ज़िम्मेदार लोगों की पहचान की जा सके, लाइसेंस की वैधता की जांच की जा सके, मंजूर की गई स्टोरेज क्षमता और बिल्डिंग प्लान को देखा जा सके, और ज़रूरी सुरक्षा शर्तों के पालन का आकलन किया जा सके। जांच के दौरान मिले सबूतों के आधार पर और भी कानूनी प्रावधान लागू किए जा सकते हैं। यह कार्रवाई अहमदाबाद के रामोल इलाके में शनिवार दोपहर कथित तौर पर अवैध पटाखे बनाने वाली यूनिट में हुए धमाके के बाद अवैध पटाखे बनाने और उनके स्टोरेज के खिलाफ बड़े पैमाने पर की जा रही कार्रवाई के तहत की गई है। इस धमाके में कम से कम 10 लोगों की मौत हो गई, जिनमें तीन बच्चे भी शामिल थे। सोमवार को एक और पीड़ित की जलने से हुई चोटों के कारण मौत हो गई। इस मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है और घटना की जांच के लिए एक स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) बनाई गई है।
 
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