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स्वामी विवेकानंद के विचार आज भी भारत की चेतना के प्रेरणा स्रोत: विजेंद्र गुप्ता
By Virat baibhav | Publish Date: 5/7/2025 6:54:34 PM
स्वामी विवेकानंद के विचार आज भी भारत की चेतना के प्रेरणा स्रोत: विजेंद्र गुप्ता

नई दिल्ली। स्वामी विवेकानंद की पुण्य तिथि के उपलक्ष्य में शनिवार को आयोजित एक श्रद्धांजलि कार्यक्रम में उन्हें स्मरण करते हुए  दिल्ली विधानसभा के अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने कहा कि भारत की युवा शक्ति को आत्मनिर्भरता, आत्मविश्वास और सेवा-भाव की ओर प्रेरित करने वाले स्वामी विवेकानंद केवल एक संत नहीं, बल्कि भारत के सांस्कृतिक पुनर्जागरण के अग्रदूत थे। गुप्ता रोहिणी सेक्टर-8 स्थित विवेकानंद वरिष्ठ नागरिक फोरम द्वारा आयोजित श्रद्धांजलि समारोह में संबोधित कर रहे थे। गुप्ता ने कहा कि स्वामी विवेकानंद का जीवन और दर्शन आज के भारत के लिए पहले से कहीं अधिक प्रासंगिक हो गया है। जब हम आत्मनिर्भर भारत, युवाशक्ति के उत्थान और वैश्विक मंच पर भारत की भूमिका को लेकर सजग हैं, तब विवेकानंद के विचार हमें आत्मबल, राष्ट्रभक्ति और सार्वभौमिक मानवता के मूल्यों की ओर लौटने का संदेश देते हैं । विधानसभा अध्यक्ष ने इस बात पर ज़ोर दिया कि विवेकानंद का संदेश केवल धार्मिक या आध्यात्मिक नहीं था, बल्कि सामाजिक न्याय, शिक्षा और राष्ट्रनिर्माण के लिए एक ठोस दृष्टिकोण भी प्रदान करता है। उन्होंने कहा कि उनकी दृष्टि में युवा केवल शारीरिक रूप से सशक्त नहीं, बल्कि नैतिक रूप से दृढ़ और मानसिक रूप से प्रबुद्ध होना चाहिए। यह आज के समाज के लिए अत्यंत आवश्यक है। गुप्ता ने कहा कि स्वामी विवेकानंद की शिक्षाएं केवल अतीत की धरोहर नहीं, बल्कि वर्तमान और भविष्य की दिशा तय करने वाली प्रेरक शक्ति हैं। आज के समय में, जब युवा पीढ़ी अनेक सामाजिक, नैतिक और वैचारिक चुनौतियों का सामना कर रही है, तब विवेकानंद के विचार उन्हें न केवल आत्मबल और आत्मविश्वास प्रदान करते हैं, बल्कि देशभक्ति, सेवा और नेतृत्व जैसे मूल्यों को जीवन में उतारने की प्रेरणा भी देते हैं। अंत में, उन्होंने देश के युवाओं से आह्वान किया कि वे स्वामी विवेकानंद के विचारों को अपने जीवन में अपनाएं और एक समावेशी, सशक्त और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में अपनी सक्रिय भूमिका निभाएं।
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