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डीएफसीसीआईएल की नई सोच, स्मार्ट मोबिलिटी को लेकर अबू धाबी में हुई चर्चा
By Virat baibhav | Publish Date: 3/10/2025 8:19:36 PM
डीएफसीसीआईएल की नई सोच, स्मार्ट मोबिलिटी को लेकर अबू धाबी में हुई चर्चा

नई दिल्ली। रेल क्षेत्र में नई सोच, स्मार्ट मोबिलिटी और हरित बुनियादी ढांचे को लेकर अबू धाबी के ग्लोबल एडीएनईसी सेंटर में तीन दिवसीय ग्लोबल रेल 2025 सम्मेलन और प्रदर्शनी गुरुवार को संपन्न हुए। इसमें भारतीय रेल, डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (डीएफसीसीआईएल), आईआरसीओएन और आरआईटीईएस के वरिष्ठ अधिकारियों सहित 40 देशों के करीब 15,000 विशेषज्ञ एकत्रित हुए। तीन दिवसीय ग्लोबल रेल 2025 सम्मेलन और प्रदर्शनी में सडक़ मार्ग से माल को आधुनिक कर रेल पर शिफ्ट करने पर चर्चा की गई। इसके साथ ही मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक पार्क, स्मॉल कार्गो सेवा और गति शक्ति कार्गो टर्मिनल जैसे विषयों पर चर्चा की गई। इसका आयोजन अबू धाबी के एतिहाद रेल की ओर से किया गया। इसमें भारतीय रेल, डीएफसीसीआईएल, आईआरसीओएन और आरआईटीईएस के वरिष्ठ अधिकारियों ने भविष्य की परिवहन योजनाएं और कनेक्टिविटी को और बेहतर बनाने की योजनाओं पर चर्चा की। इस दौरान डीएफसीसीआईएल के प्रबंध निदेशक प्रवीण कुमार ने बताया कि सम्मेलन में स्मार्ट मोबिलिटी, हाई-स्पीड रेल, डिजिटल एकीकरण, हरित अवसंरचना और वित्तपोषण रणनीतियों पर विशेष रुप से चर्चा की गई। इसका उद्देश्य रेल परिवहन को अधिक टिकाऊ, कुशल, पर्यावरण-अनुकूल और आधुनिक स्वरूप प्रदान करना था। उन्होंने बताया कि भारत के समग्र विकास में डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर की भूमिका लगातार बढ़ रही है। सम्मेलन में डीएफसीसीआईएल की उपलब्धियों और भविष्य की योजनाओं पर भी विस्तार से चर्चा की गई। वहीं, विशेष रूप से डेडिकेटेड हाई-स्पीड फ्रेट कॉरिडोर की संभावनाओं को अंतरराष्ट्रीय मंच पर साझा किया गया।
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माल ढुलाई को मिलेगा नया आयाम
प्रवीण कुमार ने बताया कि डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर यात्री यातायात से अलग ट्रैक प्रदान करता है, जो तकनीकी रूप से आधुनिक और पर्यावरण-अनुकूल है। इससे मालगाडिय़ों को बिना व्यवधान तेज गति से और समय पर संचालित किया जा सकता है। वहीं, कुशल लॉजिस्टिक्स और सप्लाई चेन नेटवर्क निर्बाध व्यापार और आर्थिक विकास को मजबूत बनाते हैं। ये प्रणालियां उत्पादों, आपूर्तिकर्ताओं और उपभोक्ताओं को जोड़ती हैं। वहीं विश्वभर में वस्तुओं की समय पर डिलीवरी सुनिश्चित करती हैं। ग्लोबल रेल 2025 का लॉजिस्टिक्स एवं सप्लाई चेन फोकस सेक्टर तकनीकी प्रगति, स्थिरता और अवसंरचना को मजबूत करता है, जिससे चुनौतियों का समाधान कर दक्षता को और बढ़ाया जा सके। यह कॉरिडोर भारी और लंबी ट्रेनों के संचालन को सक्षम बनाता है, जिनमें अधिक एक्सल लोड और डबल-स्टैक्ड कंटेनर शामिल होते हैं। इससे न केवल रेल नेटवर्क की दक्षता बढ़ती है, बल्कि बड़े पैमाने पर माल परिवहन की क्षमता भी मजबूत होती है। बता दें कि अंतरराष्ट्रीय सहयोग की ओर कदम डीएफसीसीआईएल के प्रबंध निदेशक  व ग्लोबल रेल 2025 केवल विचार-विमर्श का मंच ही नहीं था, बल्कि सहयोग और साझेदारी का था। उनका कहना था कि भारत का डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर प्रोजेक्ट्स न केवल घरेलू अंतरराष्ट्रीय व्यापार में भी अहम भूमिका निभाएंगा। यह पहल भारतीय अर्थव्यवस्था को नई ... मेक इन इंडिया और गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान को भी मजबूती प्रदान करेगी।
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