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कतर में एमएफ हुसैन की कला और जीवन को समर्पित संग्रहालय खुलेगा
By Virat baibhav | Publish Date: 1/10/2025 4:35:37 PM
कतर में एमएफ हुसैन की कला और जीवन को समर्पित संग्रहालय खुलेगा

नई दिल्ली। मशहूर चित्रकार एम.एफ. हुसैन के जीवन, कार्यों और दर्शन को समर्पित दुनिया के पहले संग्रहालय के मुख्य आकर्षणों में शामिल उनकी अनूठी और अंतिम कृति सीरू फी अल अर्द को 20 मिनट के शो के रूप में प्रदर्शित किया जाएगा। कतर फाउंडेशन ने बुधवार को घोषणा की कि लौह वा कलाम: एम.एफ. हुसैन संग्रहालय नामक संग्रहालय, 28 नवंबर को देश की राजधानी दोहा में खुलेगा।यह संग्रहालय 1950 के दशक से लेकर 2011 में हुसैन के निधन तक उनकी कलात्मक यात्रा को दर्शाएगा।
 
 
कतर फाउंडेशन से जुड़े खोलूद एम अल-अली ने एक बयान में कहा, मकबूल फिदा हुसैन दुनिया के सबसे प्रसिद्ध आधुनिकतावादी कलाकारों में से एक थे। एक ऐसे कलाकार, जिनकी दृष्टि विभिन्न संस्कृतियों से उभरी और उनमें प्रतिध्वनित हुई, जिसमें कतर भी शामिल है, जहां उन्होंने अपने जीवनकाल में रहकर अभ्यास किया। पेंटिंग, फिल्में, टेपेस्ट्री, फोटोग्राफी, कविता और इंस्टॉलेशन के स्थाई संग्रह के साथ यह संग्रहालय आगंतुकों को हुसैन की दुनिया में कदम रखने और उनके व्यवहार को आकार देने वाले प्रभावों, दर्शन और यादों का पता लगाने के लिए आमंत्रित करेगा।
 
 
प्रदर्शनी में कतर फाउंडेशन की अध्यक्ष शेखा मोजा बिन्त नासिर द्वारा शामिल और अरब सभ्यता से प्रेरित चित्रों की एक शृंखला भी शामिल होगी। हुसैन ने 2011 में अपनी मृत्यु से पहले इनमें से 35 से ज्यादा पेंटिंग पूरी कीं, और ए संग्रहालय की दीर्घाओं में प्रदर्शित होंगी।तीन हजार वर्ग मीटर से अधिक क्षेत्र में फैले इस संग्रहालय का डिजाइन हुसैन द्वारा बनाए गए एक रेखाचित्र की तरह है। हुसैन को 2010 में कतर की मानद राष्ट्रीयता प्रदान की गई, जहां उन्होंने 2006 से 2011 तक लंदन के साथ-साथ अपने जीवन के अंतिम वर्ष बिताए।
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