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स्वास्थ्य सेवा की असली ताकत हैं नर्सें, मरीजों की मदद के लिए हमेशा तैयार
By Virat baibhav | Publish Date: 11/5/2026 4:40:17 PM
स्वास्थ्य सेवा की असली ताकत हैं नर्सें, मरीजों की मदद के लिए हमेशा तैयार

नई दिल्ली। 12 मई... सिर्फ तारीख नहीं बल्कि उन हाथों को सलाम करने का दिन है जो हमेशा दूसरों की मदद को तैयार रहती हैं। यह दिन उन नर्सों के नाम है, जो अस्पतालों की असली ताकत हैं। मरीज चाहे दर्द में हो, डरा हुआ हो या जिंदगी और मौत के बीच जंग लड़ रहा हो, सबसे पहले जो उनके पास मदद के लिए आता है वह अक्सर एक नर्स का ही होता है। नर्सों की मेहनत और समर्पण के सम्मान में हर साल 12 मई को अंतरराष्ट्रीय नर्स दिवस मनाया जाता है। इसी दिन 1820 में आधुनिक नर्सिंग की जनक मानी जाने वाली फ्लोरेंस नाइटिंगेल का जन्म हुआ था। फ्लोरेंस नाइटिंगेल ने क्रीमिया युद्ध के दौरान घायल सैनिकों की सेवा करके दुनिया को दिखाया था कि नर्सिंग सिर्फ नौकरी नहीं बल्कि सेवा, समर्पण और इंसानियत का सबसे बड़ा उदाहरण है। आज भी दुनिया भर की लाखों नर्सें उसी भावना के साथ काम कर रही हैं। जब कोई मरीज अस्पताल में भर्ती होता है, तो डॉक्टर कुछ समय के लिए आते हैं, जांच करते हैं, इलाज बताते हैं और फिर चले जाते हैं लेकिन मरीज के साथ सबसे ज्यादा समय नर्स बिताती हैं। वही समय पर दवाइयां देती है, मरीज की हालत पर नजर रखती है, रातभर जागकर उसकी देखभाल करती है और जरूरत पड़ने पर तुरंत डॉक्टर को जानकारी भी देती है। इतना ही नहीं, कई बार नर्सें से मरीजों को हिम्मत देने का भी काम करती है कोविड महामारी के दौरान भी पूरी दुनिया ने नर्सों की असली ताकत देखी थी। जब लोग अपने घरों में सुरक्षित बैठे थे, तब नर्सें पीपीई किट पहनकर घंटों अस्पतालों में ड्यूटी कर रही थीं। कई नर्सें महीनों तक अपने परिवार से दूर रहीं ताकि मरीजों की सेवा कर सकें। यही वजह है कि नर्सों को स्वास्थ्य व्यवस्था की सबसे मजबूत कड़ी कहा जाता है। आज के समय में नर्सों की भूमिका पहले से कहीं ज्यादा बड़ी हो गई है। तकनीक बढ़ी है, बीमारियां बदली हैं और मरीजों की जरूरतें भी बढ़ी हैं। ऐसे में नर्सों को बेहतर ट्रेनिंग, आधुनिक उपकरण और सुरक्षित कार्य वातावरण देना बेहद जरूरी हो गया है। इसी सोच के साथ अंतरराष्ट्रीय नर्स दिवस 2026 की थीम "हमारी नर्सें। हमारा भविष्य। सशक्त नर्सें जीवन बचाती हैं।" रखी गई है। इस थीम का मकसद सिर्फ नर्सों की तारीफ करना नहीं बल्कि उन्हें मजबूत बनाना है। जब नर्सों को सही शिक्षा, नेतृत्व के मौके और सम्मान मिलता है, तो वे और बेहतर तरीके से काम कर पाती हैं। इसका सीधा फायदा मरीजों और पूरे स्वास्थ्य तंत्र को मिलता है।

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