Thursday,11 June 2026,04:10 PM
ब्रेकिंग न्यूज़
हिमाचल प्रदेश: मानसूनी बारिश से दो सप्ताह में 43 लोगों की मौत, 37 लोग लापतामेडिकल कॉलेज नियामक ढांचे में हेरफेर, सीबीआई ने सरकारी अधिकारियों समेत 34 लोगों पर मामला दर्ज कियाअमेरिका ने वीजा आवेदकों से इस्तेमाल किए जाने वाले सोशल मीडिया मंचों के हैंडल या यूजरनेम मांगेआय से अधिक संपत्ति मामले में शिरोमणि अकाली दल के नेता बिक्रम मजीठिया गिरफ्तारआपातकाल: न्यायमूर्ति सिन्हा ने इंदिरा गांधी को अयोग्य ठहराने के फैसले पर कभी पछतावा नहींकेरल: सत्तारूढ़ एलडीएफ नीलांबुर विधानसभा उपचुनाव कांग्रेस नीत यूडीएफ के हाथों हाराभारत मध्यस्थता स्वीकार नहीं करेगा, ऑपरेशन सिंदूर पाकिस्तान के अनुरोध पर रोका: मोदी ने ट्रंप से कहाभारत के चार स्कूल विश्व के सर्वश्रेष्ठ स्कूल पुरस्कारों की शीर्ष 10 की सूची में शामिल
हेल्थ
लगातार थकान और कमजोरी को हल्के में न लें, ये हो सकते हैं एनीमिया के संकेत
By Virat baibhav | Publish Date: 11/5/2026 4:51:42 PM
लगातार थकान और कमजोरी को हल्के में न लें, ये हो सकते हैं एनीमिया के संकेत

नई दिल्ली। आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में महिलाएं घर, नौकरी और परिवार की जिम्मेदारियों के बीच अक्सर अपनी सेहत से समझौता कर लेती हैं, जिसके चलते कई स्वास्थ्य समस्याएं धीरे-धीरे शरीर को जकड़ने लगती है। ऐसी ही एक गंभीर समस्या है एनीमिया।   बहुत सी महिलाएं लगातार थकान, कमजोरी, चक्कर या सांस फूलने जैसी परेशानियों को सामान्य मानकर नजरअंदाज कर देती हैं, लेकिन यह शरीर में खून की कमी का संकेत हो सकता है। एनीमिया एक ऐसी स्थिति है जिसमें शरीर के अंगों तक पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं पहुंच पाती। अगर लंबे समय तक इसका इलाज न किया जाए तो यह दिल, दिमाग और पूरे शरीर पर बुरा असर डाल सकती है। मेडिकल विज्ञान के अनुसार, एनीमिया तब होता है जब शरीर में लाल रक्त कोशिकाएं कम हो जाती हैं या हीमोग्लोबिन का स्तर घट जाता है। हीमोग्लोबिन एक खास प्रकार का प्रोटीन होता है, जो फेफड़ों से ऑक्सीजन लेकर शरीर के बाकी हिस्सों तक पहुंचाने का काम करता है। जब शरीर में आयरन की कमी होने लगती है तो पर्याप्त हीमोग्लोबिन नहीं बन पाता। इसके कारण शरीर को पूरी ऊर्जा नहीं मिलती और व्यक्ति हर समय थका हुआ महसूस करने लगता है। एक रिसर्च की मानें तो, महिलाओं में यह समस्या पुरुषों की तुलना में अधिक देखने को मिलती है। महिलाओं में एनीमिया बढ़ने के पीछे सबसे बड़ा कारण मासिक धर्म को माना जाता है। हर महीने रक्तस्राव होने से शरीर में आयरन की मात्रा कम होती रहती है। जिन महिलाओं को ज्यादा रक्तस्राव होता है, उनमें यह कमी और तेजी से बढ़ सकती है। अगर भोजन के जरिए पर्याप्त आयरन शरीर को नहीं मिलता, तो धीरे-धीरे कमजोरी बढ़ने लगती है। इसके अलावा, गर्भावस्था के दौरान भी शरीर को सामान्य दिनों से ज्यादा पोषण की जरूरत होती है। मां और गर्भ में पल रहे बच्चे दोनों के लिए खून बनाना पड़ता है। ऐसे में आयरन और फोलिक एसिड की कमी होने पर एनीमिया का खतरा काफी बढ़ जाता है। कई महिलाएं तेजी से वजन घटाने के लिए खाना कम कर देती हैं या ऐसी डाइट अपनाती हैं, जिसमें पोषक तत्व पर्याप्त मात्रा में नहीं होते। लंबे समय तक ऐसा करने से शरीर कमजोर हो सकता है। एनीमिया की सबसे बड़ी समस्या यह है कि इसके शुरुआती लक्षण धीरे-धीरे दिखाई देते हैं। शुरुआत में लोग इसे सामान्य थकान समझ लेते हैं, लेकिन जब शरीर में खून की कमी ज्यादा बढ़ जाती है, तब कई संकेत साफ दिखने लगते हैं। लगातार कमजोरी महसूस होना, थोड़ा काम करने पर थक जाना, चक्कर आना, सिर भारी लगना और सीढ़ियां चढ़ते समय सांस फूलना इसके सामान्य लक्षण माने जाते हैं। कुछ महिलाओं की त्वचा पीली पड़ने लगती है और होंठों या आंखों के अंदर का हिस्सा सफेद दिखाई देने लगता है। आयरन की कमी बालों और नाखूनों को भी प्रभावित करती है। बाल तेजी से झड़ने लगते हैं और नाखून कमजोर होकर टूटने लगते हैं। कई बार नाखूनों का आकार भी बदल जाता है। एनीमिया की सही पहचान ब्लड टेस्ट से होती है, इसलिए लंबे समय तक कमजोरी या थकान महसूस होने पर जांच जरूर करवानी चाहिए।
 
COPYRIGHT @ 2016 VIRAT VAIBHAV. ALL RIGHT RESERVED.DESIGN & DEVELOPED BY: 4C PLUS