Thursday,11 June 2026,03:37 PM
ब्रेकिंग न्यूज़
हिमाचल प्रदेश: मानसूनी बारिश से दो सप्ताह में 43 लोगों की मौत, 37 लोग लापतामेडिकल कॉलेज नियामक ढांचे में हेरफेर, सीबीआई ने सरकारी अधिकारियों समेत 34 लोगों पर मामला दर्ज कियाअमेरिका ने वीजा आवेदकों से इस्तेमाल किए जाने वाले सोशल मीडिया मंचों के हैंडल या यूजरनेम मांगेआय से अधिक संपत्ति मामले में शिरोमणि अकाली दल के नेता बिक्रम मजीठिया गिरफ्तारआपातकाल: न्यायमूर्ति सिन्हा ने इंदिरा गांधी को अयोग्य ठहराने के फैसले पर कभी पछतावा नहींकेरल: सत्तारूढ़ एलडीएफ नीलांबुर विधानसभा उपचुनाव कांग्रेस नीत यूडीएफ के हाथों हाराभारत मध्यस्थता स्वीकार नहीं करेगा, ऑपरेशन सिंदूर पाकिस्तान के अनुरोध पर रोका: मोदी ने ट्रंप से कहाभारत के चार स्कूल विश्व के सर्वश्रेष्ठ स्कूल पुरस्कारों की शीर्ष 10 की सूची में शामिल
लाइफस्टाइल
शरीर में बनी रहती है थकान और सुस्ती, तो रोजाना मत्स्यासन करने से मिल सकता है बड़ा लाभ
By Virat baibhav | Publish Date: 14/5/2026 3:04:15 PM
शरीर में बनी रहती है थकान और सुस्ती, तो रोजाना मत्स्यासन करने से मिल सकता है बड़ा लाभ

नई दिल्ली। आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में थकान और सुस्ती होना आम बात है। अनियमित दिनचर्या, गलत खानपान, नींद की कमी और लंबे समय तक एक ही जगह बैठकर काम करना, इन सबके कारण शरीर धीरे-धीरे थकने लगता है, जिसका असर दिमाग पर भी पड़ता है। इससे व्यक्ति और ज्यादा कमजोर और सुस्त महसूस करने लगता है। ऐसे में आयुष मंत्रालय योग करने की सलाह देता है। सुस्ती और थकान को दूर करने के लिए मत्स्यासन सबसे प्रभावी आसन माना जाता है। मत्स्यासन करने से छाती पूरी तरह खुलती है और गहरी सांस लेने की क्षमता बढ़ती है। गहरी सांस लेने से शरीर में ऑक्सीजन की मात्रा भी बढ़ती है, जिससे खून ज्यादा साफ और सक्रिय होता है। यही ऑक्सीजन शरीर के हर हिस्से तक पहुंचकर थकी हुई कोशिकाओं को ऊर्जा देती है। जब शरीर को पर्याप्त ऑक्सीजन मिलने लगती है, तो भारीपन और सुस्ती धीरे-धीरे कम होने लगती है। इसके साथ ही यह आसन रीढ़ की हड्डी को पीछे की ओर स्ट्रेच करता है, जिससे नसों पर पड़ा दबाव कम होता है। रीढ़ के आसपास मौजूद नर्व सिस्टम शरीर की ऊर्जा को नियंत्रित करता है। जब यह हिस्सा रिलैक्स होता है, तो दिमाग को भी सुकून मिलता है और मानसिक थकान कम होने लगती है। आयुष मंत्रालय के अनुसार, मत्स्यासन शरीर के पैरासिम्पेथेटिक नर्वस सिस्टम को सक्रिय करता है, जो शरीर को आराम देने का काम करता है। जब यह सिस्टम सक्रिय होता है, तो शरीर की दिल की धड़कन सामान्य होती है और तनाव कम होता है। यह आसन पाचन तंत्र को भी बेहतर बनाता है, जिससे भोजन ठीक से पचता है और शरीर को पर्याप्त पोषण मिलता है। जब शरीर को सही पोषण मिलने लगता है, तो कमजोरी और सुस्ती अपने आप कम हो जाती है। साथ ही यह आसन ब्लड सर्कुलेशन को सुधारता है, जिससे शरीर के हर अंग को ऊर्जा मिलती है। मत्स्यासन तनाव, चिंता और मानसिक दबाव को कम करता है। जब मन शांत होता है, तो शरीर पर उसकी सकारात्मक प्रतिक्रिया पड़ती है और व्यक्ति ज्यादा ऊर्जावान महसूस करता है। इसके लगातार अभ्यास से नींद की गुणवत्ता भी बेहतर होती है।
 
COPYRIGHT @ 2016 VIRAT VAIBHAV. ALL RIGHT RESERVED.DESIGN & DEVELOPED BY: 4C PLUS