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बीएचयू की बड़ी उपलब्धि: बच्चों में होने वाली 47 दुर्लभ आनुवंशिक बीमारियों की पहचान
By Virat baibhav | Publish Date: 16/6/2026 4:53:11 PM
बीएचयू की बड़ी उपलब्धि: बच्चों में होने वाली 47 दुर्लभ आनुवंशिक बीमारियों की पहचान

वाराणसी। काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) के सेंटर फॉर जेनेटिक डिसऑर्डर्स की शोध टीम ने बच्चों में होने वाली 47 दुर्लभ आनुवंशिक बीमारियों की पहचान कर एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। इन बीमारियों में अधिकांश न्यूरोलॉजिकल विकार हैं, जबकि अन्य में न्यूरोमस्कुलर, नेत्र संबंधी, स्केलेटल तथा कार्डियक विकार शामिल हैं। प्रोफेसर परिमल दास के नेतृत्व में संचालित “मिशन प्रोग्राम ऑन पीडियाट्रिक रेयर डिसऑर्डर्स” के तहत वाराणसी एवं आसपास के जिलों से 300 से अधिक दुर्लभ आनुवंशिक रोगों से पीड़ित बच्चों का पंजीकरण किया गया। अध्ययन के दौरान 47 दुर्लभ आनुवंशिक विकारों की पुष्टि की गई और 47 मरीजों को उनकी आनुवंशिक जांच रिपोर्ट उपलब्ध कराई गई। शोध के दौरान 10 नए जीन वैरिएंट्स की भी खोज की गई है। यह परियोजना भारत सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय के जैव प्रौद्योगिकी विभाग (डीबीटी) द्वारा समर्थित एक अखिल भारतीय अनुसंधान कार्यक्रम का हिस्सा है। मंगलवार को प्रो. परिमल दास ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि परियोजना से जुड़े परिवारों को निःशुल्क आनुवंशिक परीक्षण, परामर्श तथा निदान के बाद विशेषज्ञ चिकित्सकीय सलाह उपलब्ध कराई गई। साथ ही, कई परिवारों को आनुवंशिक रोगों से जुड़ी सामाजिक, सांस्कृतिक और भावनात्मक चुनौतियों के समाधान के लिए विशेष परामर्श भी प्रदान किया गया।

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