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शारीरिक और मानसिक शांति के लिए करें योगमुद्रासन, जानें इसके लाभ
By Virat baibhav | Publish Date: 31/7/2026 4:18:38 PM
शारीरिक और मानसिक शांति के लिए करें योगमुद्रासन, जानें इसके लाभ

नई दिल्ली। आज की व्यस्त जीवनशैली में जहां तनाव, कब्ज और पीठ दर्द जैसी शारीरिक समस्याएं आम हो गई हैं, वहां योगमुद्रासन एक संजीवनी की तरह काम करता है। इस आसन के नियमित अभ्यास से शरीर के साथ-साथ मस्तिष्क संतुलित रहता है।  यह एक ऐसी योग मुद्रा है, जिसे दो शब्दों 'योग', यानी 'जोड़ना', और 'मुद्रा', यानी 'प्रतीक', से मिलकर बनाया गया है, जबकि अंग्रेजी में इसे 'साइकिक यूनियन पोज' कहते हैं, जिसका हिन्दी भाषा में अर्थ 'मानस को जोड़ना' होता है। योग मुद्रासन, असल में, शरीर और मन के बीच अंतर को मिटाकर सामंजस्य स्थापित करने वाला योगासन है। इस आसन करने के दौरान शरीर ध्यान, समर्पण और आंतरिक शांति की स्थिति में जाता है। भारत सरकार के आयुष मंत्रालय ने योगासन को लेकर कुछ गाइडलाइन्स दिए हैं, जिसके अनुसार, यह पेट के अंगों को सक्रिय, पाचन में सुधार और मन को शांत करने में मदद करता है। इसके अभ्यास से पेल्विक मसल्स मजबूत होती और महिलाओं में प्रजनन अंगों से संबंधित समस्याओं को कम किया जा सकता है। लंबे समय तक इस आसन का अभ्यास करने से शरीर और दिमाग में स्थिरता और एकाग्रता बढ़ती है। साथ ही, यह मणिपुर चक्र (मानव शरीर के सात मुख्य चक्रों में से तीसरा ऊर्जा केंद्र है, जो आत्मविश्वास, पाचन और अग्नि तत्व से जुड़ा) को सक्रिय और स्टिम्यूलेट करता है, जिससे शरीर में प्राणिक ऊर्जा को नियंत्रित करता है। इस आसन को करना बेहद आसान है, जिसे करने के लिए सबसे साधक पद्मासन की स्थिति में बैठ जाएं। अब अपने दोनों हाथों की कलाई को पीछे की ओर ले जाकर पकड़ें या पैरों के अंगूठे को पकड़ें। लंबी गहरी सांस लेते और छोड़ते हुए धीरे-धीरे आगे की ओर झुकें। अपने माथे को जमीन पर स्पर्श कराने का प्रयास करें और शरीर को ढीला छोड़ दें। सामान्य: सांस लेते हुए कुछ सेकंड रुकें, फिर सांस लेते हुए वापस शुरुआती स्थिति में आएं। शुरू में इस आसन को करने के लिए किसी एक्सपर्ट की सलाह जरूर लें। कुछ दिनों के अभ्यास के बाद यह आसन करना काफी आसान हो जाता है। रीढ़ की हड्डी और पैरों सहित लगभग पूरा शरीर इस आसन में शामिल होता है, इसलिए स्वास्थ्य की दृष्टि से यह शरीर के विभिन्न अंगों के लिए फायदेमंद होता है।
 
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