Monday,07 September 2026,11:47 AM
ब्रेकिंग न्यूज़
सागर में जहरीली शराब पीने से अब तक 10 की मौत, उपमुख्यमंत्री बोले- 'कई दुकानें की गईं सील'भारतीय नौसेना और रॉयल थाई नेवी के बीच स्टाफ वार्ता का नई दिल्ली में सफल आयोजन, रक्षा एवं समुद्री सहयोग पर हुई चर्चानेपाल बाढ़: मृतकों की संख्या 1,300 के पारयूएस ओपन: नवारो, टाउनसेंड, पेगुला, नोस्कोवा चौथे राउंड मेंएएचएफ जूनियर एशिया कप: भारतीय टीम ने इंडोनेशिया को 14-0 से हरायाखेल और शिक्षा जीवन बदल सकती है, ब्राजील फुटबॉल लीजेंड काफू ने युवा लड़कियों को दी सलाहयूएस ओपन: नवारो, टाउनसेंड, पेगुला, नोस्कोवा चौथे राउंड मेंयूएस ओपन: बेन शेल्टन ने शापोवालोव को और टियाफो ने वचेरोट को हराकर चौथे राउंड में जगह बनाई
हेल्थ
सफदरजंग अस्पताल में बड़ी कामयाबी, पहला रोबोटिक नी-रिप्लेसमेंट सफल
By Virat baibhav | Publish Date: 23/8/2026 3:19:52 PM
सफदरजंग अस्पताल में बड़ी कामयाबी, पहला रोबोटिक नी-रिप्लेसमेंट सफल

नई दिल्ली। दिल्ली में वर्धमान महावीर मेडिकल कॉलेज (वीएमएमसी) और सफदरजंग अस्पताल के सेंट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ ऑर्थोपेडिक्स (सीआईओ) ने आधुनिक इलाज की दिशा में बड़ी उपलब्धि हासिल की। अस्पताल ने 22 अगस्त को अपना पहला रोबोट-असिस्टेड टोटल नी रिप्लेसमेंट (टीकेआर) सफलतापूर्वक किया।  सीआईओ में रोबोट-असिस्टेड ऑर्थोपेडिक सर्जरी की शुरुआत वीएमएमसी और सफदरजंग अस्पताल की निदेशक डॉ. कविता शर्मा के नेतृत्व, समर्थन और प्रोत्साहन से हुई है। इस पहल से सरकारी हेल्थ सिस्टम में एडवांस और टेक्नोलॉजी-आधारित ऑर्थोपेडिक देखभाल को और मजबूती मिलेगी। यह सर्जरी सेंट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ ऑर्थोपेडिक्स के निदेशक प्रो. डॉ. सुमित सुरल के मार्गदर्शन में की गई। सर्जरी करने वाली टीम का नेतृत्व डॉ. भगवती प्रसाद शर्मा, कंसल्टेंट प्रोफेसर और यूनिट हेड ने किया। यह ऐतिहासिक सर्जरी आयुष्मान भारत योजना के तहत पूरी तरह से मुफ्त की गई। यह ऑपरेशन इस केंद्रीय सरकारी अस्पताल में 75 साल के एक आर्थिक रूप से कमजोर पुरुष मरीज पर किया गया। ऑर्थोपेडिक टीम का नेतृत्व डॉ. भगवती प्रसाद शर्मा ने किया, उनके साथ डॉ. ध्रुवे मैनी और डॉ. कार्तिक यादव थे। एनेस्थीसिया टीम का नेतृत्व डॉ. सुशील गुरिया ने किया। ऑपरेशन थिएटर की नर्सिंग स्टाफ सिस्टर रेखा और रितिका और टेक्निकल स्टाफ विजेंदर की टीम ने भी जरूरी सहयोग दिया। नए रोबोटिक सिस्टम की एक बड़ी खासियत यह है कि यह अपग्रेडेबल प्लेटफॉर्म है, जिससे सीआईओ में रोबोट-असिस्टेड ऑर्थोपेडिक सर्जरी की रेंज बढ़ाने की गुंजाइश है। यह प्लेटफॉर्म इन सर्जरी में टोटल नी रिप्लेसमेंट, पार्शियल नी रिप्लेसमेंट और हिप जॉइंट रिप्लेसमेंट मदद कर सकता है भविष्य में टेक्नोलॉजी और सॉफ्टवेयर अपग्रेड के साथ इसी प्लेटफॉर्म से रोबोट-असिस्टेड स्पाइन सर्जरी भी संभव हो सकेगी, जिससे मरीजों के लिए एडवांस सर्जिकल सेवाओं का दायरा और बढ़ेगा। रोबोट-असिस्टेड सर्जरी से सटीक प्री-ऑपरेटिव प्लानिंग और सर्जरी के दौरान सटीकता मिलती है, खासकर इम्प्लांट की पोजीशन और अलाइनमेंट में। सीआईओ में इस तकनीक के आने से भविष्य के मरीजों के लिए एडवांस ऑर्थोपेडिक सर्जरी की पहुंच बढ़ेगी। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि केंद्रीय सरकारी अस्पताल में आयुष्मान भारत के तहत इस तकनीक की उपलब्धता से आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के मरीजों को भी एडवांस रोबोटिक ऑर्थोपेडिक देखभाल मिल सकेगी, जिससे समान स्वास्थ्य सेवा और मजबूत होगी। पहली रोबोट-असिस्टेड टीकेआर का सफल होना वीएमएमसी और सफदरजंग अस्पताल में टेक्नोलॉजी-सक्षम ऑर्थोपेडिक सेवाओं को आगे बढ़ाने में एक अहम कदम है।
 
COPYRIGHT @ 2016 VIRAT VAIBHAV. ALL RIGHT RESERVED.DESIGN & DEVELOPED BY: 4C PLUS