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सर्दी-जुकाम जैसा दिखने वाला आरएसवी वायरस बच्चों के लिए खतरनाक, डब्ल्यूएचओ ने जारी की चेतावनी
By Viraat Vaibhav | Publish Date: 10/9/2026 4:20:53 PM
सर्दी-जुकाम जैसा दिखने वाला आरएसवी वायरस बच्चों के लिए खतरनाक, डब्ल्यूएचओ ने जारी की चेतावनी

नई दिल्ली। सर्दी-जुकाम जैसा दिखने वाला आरएसवी (रेस्पिरेटरी सिंसिटियल वायरस) सिर्फ एक सामान्य मौसमी वायरस नहीं है। यह दुनियाभर में छोटे बच्चों के लिए गंभीर स्वास्थ्य चुनौती बन सकता है। हर साल आरएसवी की वजह से 36 लाख से ज्यादा बच्चों को अस्पताल में भर्ती होने की जरूरत पड़ती है और करीब 1 लाख छोटे बच्चों की जान चली जाती है। इसलिए इसके बारे में सही जानकारी होना और समय पर सावधानी बरतना बेहद जरूरी है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर बताया कि आरएसवी एक बहुत संक्रामक वायरस है। यह संक्रमित व्यक्ति के खांसने या छींकने से निकलने वाली बूंदों के जरिए फैल सकता है। संक्रमित सतह को छूने और फिर आंख, नाक या मुंह को छूने से भी संक्रमण हो सकता है। यही वजह है कि घर, स्कूल, डे-केयर और भीड़भाड़ वाली जगहों पर छोटे बच्चों को इससे बचाना चुनौतीपूर्ण हो सकता है। हालांकि आरएसवी किसी भी उम्र के व्यक्ति को संक्रमित कर सकता है, लेकिन छोटे बच्चों, खासकर छह महीने से कम उम्र के शिशुओं में इसका असर ज्यादा गंभीर हो सकता है। समय से पहले जन्मे बच्चों और कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली वाले बच्चों में भी गंभीर बीमारी का खतरा अधिक हो सकता है। कई बार शुरुआत में इसके लक्षण सामान्य सर्दी-जुकाम जैसे ही दिखाई देते हैं, इसलिए माता-पिता के लिए इन्हें पहचानना जरूरी है। बच्चे को नाक बहना, खांसी, छींक या हल्का बुखार हो सकता है, लेकिन अगर बच्चा सांस लेने में परेशानी महसूस कर रहा है। ठीक से दूध या खाना नहीं ले पा रहा है। बहुत ज्यादा सुस्त है या उसके होंठ और नाखून नीले पड़ रहे हैं तो इसे गंभीर संकेत मानना चाहिए। ऐसी स्थिति में तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना जरूरी है। आरएसवी से बचाव के लिए रोजमर्रा की कुछ छोटी-छोटी सावधानियां काफी मददगार हो सकती हैं। बच्चे को छूने से पहले और बाद में हाथ अच्छी तरह धोएं, बीमार लोगों से शिशु को दूर रखें और घर में बार-बार छुई जाने वाली सतहों को साफ करते रहें। बच्चे के आसपास धूम्रपान बिल्कुल न करें, क्योंकि धुएं के संपर्क से सांस संबंधी समस्याओं का खतरा बढ़ सकता है। गर्भवती महिलाओं और नवजात शिशुओं की सुरक्षा के लिए डॉक्टर से उपलब्ध आरएसवी वैक्सीन या शिशु के लिए आरएसवी एंटीबॉडी जैसे बचाव के विकल्पों के बारे में जानकारी ली जा सकती है। कौन-सा विकल्प उपयुक्त है, यह मां और बच्चे की स्थिति के आधार पर डॉक्टर तय कर सकते हैं।
 
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