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पीरियड्स के दर्द और तनाव से राहत दिलाते हैं ये योगासन, आयुष मंत्रालय ने दी सलाह
By Virat baibhav | Publish Date: 3/4/2026 4:19:33 PM
पीरियड्स के दर्द और तनाव से राहत दिलाते हैं ये योगासन, आयुष मंत्रालय ने दी सलाह

नई दिल्ली। पीरियड्स के दौरान दर्द, थकान, मूड स्विंग्स और अनियमित चक्र जैसी परेशानियां कई महिलाओं को प्रभावित करती हैं। ऐसे में हेल्थ एक्सपर्ट कुछ विशेष योगासन को दिनचर्या में शामिल करने की सलाह देते हैं।
 आयुष मंत्रालय के अनुसार, योग इन समस्याओं को प्राकृतिक तरीके से कम करने में बहुत मददगार साबित हो सकता है। नियमित योग अभ्यास से मासिक धर्म चक्र सही रहता है, दर्द कम होता है और मानसिक तनाव भी घटता है। साथ ही मंत्रालय ने मासिक धर्म के दौरान सेहत सुधारने के लिए कुछ आसान और प्रभावी योगासनों को अपनाने की सलाह महिलाओं को दी है। ये आसान आसन घर पर भी किए जा सकते हैं और पीरियड्स के दौरान होने वाली असुविधाओं को काफी हद तक कम करने में प्रभावी भी हैं। एक्सपर्ट के अनुसार, इन आसनों को नियमित रूप से करने से न सिर्फ मासिक धर्म संबंधी शारीरिक समस्याएं कम होती हैं, बल्कि मानसिक स्वास्थ्य भी बेहतर होता है। योग अभ्यास के साथ माइंडफुलनेस रखना भी जरूरी है। हालांकि पीरियड्स के दौरान अगर दर्द बहुत ज्यादा हो तो डॉक्टर या आयुर्वेदिक विशेषज्ञ से सलाह अवश्य लें। स्वस्थ आहार, पर्याप्त पानी और अच्छी नींद के साथ योग को अपनी दिनचर्या में शामिल करें। बेहतर मासिक धर्म स्वास्थ्य के लिए सुप्त बद्ध कोणासन करें, यह आसन पेल्विक क्षेत्र को खोलता है, रक्त संचार बढ़ाता है और पेट व कमर के दर्द को कम करता है। पश्चिमोत्तानासन यह आसन पीठ और पैरों की मांसपेशियों को खींचता है, जिससे मासिक धर्म संबंधी ऐंठन और दर्द में राहत मिलती है। यह तनाव भी कम करता है। वहीं, वक्रासन रीढ़ की हड्डी को मोडऩे वाला यह आसन पाचन तंत्र को मजबूत बनाता है और मासिक धर्म की अनियमितता को दूर करने में मदद करता है।बालासन या बच्चे की मुद्रा कहलाने वाला यह आसन शरीर को गहरी छूट देता है। पीरियड्स के दौरान होने वाली थकान और मूड स्विंग्स को शांत करता है। सेतु बंधासन, जिसे पुल मुद्रा भी कहते हैं, आसन कमर और पेल्विक क्षेत्र को मजबूत बनाता है व हार्मोनल बैलेंस बनाए रखने में सहायक है। साथ ही विपरीत करणी भी राहत देता है। दीवार के सहारे पैर ऊपर करके लेटने वाला यह आसन रक्त प्रवाह को सुधारता है और पैरों में सूजन तथा थकान को कम करता है।
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