Thursday,11 June 2026,04:04 PM
ब्रेकिंग न्यूज़
हिमाचल प्रदेश: मानसूनी बारिश से दो सप्ताह में 43 लोगों की मौत, 37 लोग लापतामेडिकल कॉलेज नियामक ढांचे में हेरफेर, सीबीआई ने सरकारी अधिकारियों समेत 34 लोगों पर मामला दर्ज कियाअमेरिका ने वीजा आवेदकों से इस्तेमाल किए जाने वाले सोशल मीडिया मंचों के हैंडल या यूजरनेम मांगेआय से अधिक संपत्ति मामले में शिरोमणि अकाली दल के नेता बिक्रम मजीठिया गिरफ्तारआपातकाल: न्यायमूर्ति सिन्हा ने इंदिरा गांधी को अयोग्य ठहराने के फैसले पर कभी पछतावा नहींकेरल: सत्तारूढ़ एलडीएफ नीलांबुर विधानसभा उपचुनाव कांग्रेस नीत यूडीएफ के हाथों हाराभारत मध्यस्थता स्वीकार नहीं करेगा, ऑपरेशन सिंदूर पाकिस्तान के अनुरोध पर रोका: मोदी ने ट्रंप से कहाभारत के चार स्कूल विश्व के सर्वश्रेष्ठ स्कूल पुरस्कारों की शीर्ष 10 की सूची में शामिल
लाइफस्टाइल
बिना तनाव के बेचैनी, घबराहट और दिल जोर से धड़कना, पेट से जुड़ा है कनेक्शन
By Virat baibhav | Publish Date: 8/4/2026 3:21:06 PM
बिना तनाव के बेचैनी, घबराहट और दिल जोर से धड़कना, पेट से जुड़ा है कनेक्शन

नई दिल्ली। अगर अचानक बिना तनाव के बेचैनी, घबराहट और दिल जोर से धड़कने लगता है, तो यह किसी तरह के स्ट्रेस की वजह से नहीं, बल्कि पेट में हो रही गड़बड़ी के कारण हो सकता है। आम तौर पर दिल में होने वाली बेचैनी को लोग तनाव या हृदय रोगों से जोड़कर देखते हैं, लेकिन ऐसा नहीं है। अगर पेट के पाचन में परेशानी होती है, तो उसका असर हृदय पर भी देखने को मिलता है। जब पाचन ठीक नहीं होता, गैस बनती है, पेट में भारीपन रहता है, तो उसका असर सीधे मन और दिल की धड़कन पर पड़ सकता है। इसलिए बार-बार घबराहट, गैस, अपच, कब्ज या पेट फूलने की समस्या को नजरअंदाज न करें। आयुर्वेद में पेट का संबंध मन से होता है। अगर पेट खराब है तो मन भी खराब होगा। जब पेट में पाचन की परेशानी के कारण गैस बनती है, तो उसका दबाव पेट पर पड़ता है और गैस सिर की तरह जाने लगती है। इससे कई बार सीने में जलन और दर्द की शिकायत भी होती है, जिसे लोग हार्ट अटैक मानकर घबरा जाते हैं, लेकिन यह खराब पाचन का संकेत है। इससे घबराहट और बेचैनी दोनों का सामना करना पड़ सकता है। इसके साथ ही अगर बार-बार गैस बनने की परेशानी, खट्टी डकार या सिर्फ कब्ज की परेशानी होती है, तो यह शरीर में आम (टॉक्सिन) बनने का संकेत हैं। जब शरीर में टॉक्सिन की समस्या बढ़ जाती है तो कब्ज और पाचन के विकार जल्दी-जल्दी होने लगते हैं और ऐसे में शुद्धिकरण बहुत जरूरी है। यह समस्या उन लोगों में देखी जाती है, जो देर रात खाना खाते हैं, खाने के बाद टहलने की बजाय एक जगह बैठ जाते हैं, फिर ज्यादा तला और भुना खाते हैं, अधिक तनाव लेते हैं, और जिनका पेट साफ नहीं होता। यह सभी पाचन को मंद भी कर देते हैं। इससे बचने के लिए हमेशा समय पर खाना खाएं और खाने के बाद टहलें जरूर। देर रात खाना खाने से बचना चाहिए। अगर पेट साफ नहीं होता है तो रात को सौंफ और मिश्री का सेवन जरूर करें। अगर पेट साफ रहेगा तो शरीर में टॉक्सिन की परेशानी नहीं होगी।
 
COPYRIGHT @ 2016 VIRAT VAIBHAV. ALL RIGHT RESERVED.DESIGN & DEVELOPED BY: 4C PLUS