नई दिल्ली। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को नरेला स्थित अत्याधुनिक हाई सिक्योरिटी जेल का ई-शिलान्यास किया। इस अवसर पर केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेन्द्र यादव, केंद्रीय राज्य मंत्री हर्ष मल्होत्रा, दिल्ली के उपराज्यपाल (एलजी) तरनजीत सिंह संधू, मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और दिल्ली सरकार के कैबिनेट मंत्री आशीष सूद, सरदार मनजिंदर सिंह सिरसा, डॉ. पंकज कुमार सिंह सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बताया कि यह परियोजना देश की सबसे आधुनिक एवं प्रौद्योगिकी आधारित उच्च सुरक्षा जेलों में शामिल होगी, जो राजधानी की सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाएगी। इस परियोजना के लिए 100 करोड़ रुपये का वित्तपोषण भारत सरकार के गृह मंत्रालय द्वारा और शेष राशि दिल्ली सरकार द्वारा उपलब्ध कराई जा रही है। इस परिसर में विशेष रूप से 250 से अधिक कैदियों को रखा जा सकेगा। यह हाई सिक्योरिटी जेल पारंपरिक जेल व्यवस्था से अलग, अत्याधुनिक तकनीक और वैश्विक सुरक्षा मानकों पर आधारित होगा। इसका रेडियल-एक्सियल डिजाइन एक सेंट्रल कंट्रोल पॉइंट से प्रत्येक विंग की निगरानी सुनिश्चित करेगा, जबकि प्रत्येक कैदी के लिए अलग-अलग सेल की व्यवस्था होगी, जिससे किसी भी प्रकार के आपसी संपर्क, गैंग नेटवर्किंग या सुरक्षा जोखिम की संभावना न्यूनतम रहेगी। इस जेल में एआई आधारित सीसीटीवी निगरानी प्रणाली, बॉडी-वॉर्न कैमरे, बायोमेट्रिक एक्सेस कंट्रोल, ऑटोमेटेड लॉकिंग सिस्टम, फुल बॉडी स्कैनर, एक्स-रे बैगेज स्कैनर, मोबाइल सिग्नल जैमर, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग सुविधा, इन-हाउस कोर्ट कॉम्प्लेक्स, एंटी-टनलिंग तकनीक और अत्याधुनिक कमांड एंड कंट्रोल सेंटर जैसी सुविधाएं विकसित की जाएंगी। प्रत्येक सेल में शौचालय एवं स्नानघर जैसी स्वतंत्र सुविधाएं उपलब्ध होंगी, जिससे कैदियों की अनावश्यक आवाजाही को रोका जा सकेगा। यह परियोजना सुरक्षा, निगरानी, त्वरित प्रतिक्रिया और तकनीक आधारित जेल प्रबंधन का नया मानक स्थापित करेगी।