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मणिपुर में शहीद जवानों को दी गई श्रद्धांजलि, सर्च ऑपरेशन जारी
By Virat baibhav | Publish Date: 8/7/2026 4:52:31 PM
मणिपुर में शहीद जवानों को दी गई श्रद्धांजलि, सर्च ऑपरेशन जारी

इंफाल। मणिपुर के राज्यपाल अजय कुमार भल्ला, मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह और अन्य गणमान्य लोगों ने बुधवार को उखरुल जिले में घात लगाकर किए गए हमले में शहीद हुए असम राइफल्स के दो जवानों को श्रद्धांजलि दी। वहीं, हमलावरों की तलाश के लिए चलाया जा रहा बड़ा सर्च ऑपरेशन तीसरे दिन भी जारी रहा।  सोमवार दोपहर हिंसा प्रभावित उखरुल जिले में इंफाल-दीमापुर नेशनल हाईवे (एनएच-2) पर नुंगशांग कोंग के पास असम राइफल्स के एक वाहन पर हमला किया गया। इस हमले में असम राइफल्स के दो जवान वारंट ऑफिसर बलवंत सिंह और हवलदार चंद्र मोहन सिंह शहीद हो गए। पुलिस को आशंका है कि इस हमले के पीछे नागा हथियारबंद समूह के संदिग्ध लोग शामिल हो सकते हैं। इंफाल के बीर टिकेंद्रजीत इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर दोनों जवानों के पार्थिव शरीर को अंतिम संस्कार के लिए उनके पैतृक स्थानों पर भेजे जाने से पहले राज्यपाल भल्ला और मुख्यमंत्री खेमचंद सिंह ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री ने दोनों शहीद जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित की और उनकी कर्तव्यनिष्ठ सेवा तथा सर्वोच्च बलिदान को याद करते हुए एक मिनट का मौन रखा। शहीद जवानों को औपचारिक ‘गार्ड ऑफ ऑनर’ दिया गया। सेना, असम राइफल्स और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (सीएपीएफ) के वरिष्ठ अधिकारियों ने राज्य के नेताओं के साथ मिलकर उन्हें अंतिम श्रद्धांजलि अर्पित की। पुष्पांजलि समारोह में गृह मंत्री कोंथौजम गोविंदस सिंह, कई विधायक, वरिष्ठ प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी तथा सुरक्षा अधिकारियों ने भी हिस्सा लिया। सभी ने शहीद जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित की। मौजूद लोगों में मणिपुर सरकार के सुरक्षा सलाहकार कुलदीप सिंह, 3 कोर कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल गिरीश कालिया, असम राइफल्स (दक्षिण) के आईजी मेजर जनरल गौरव शर्मा और सेना व असम राइफल्स के अन्य वरिष्ठ अधिकारी शामिल थे। इस बीच, हमले के दोषियों का पता लगाने के लिए बुधवार को लगातार तीसरे दिन केंद्रीय और राज्य सुरक्षा बलों का संयुक्त अभियान जारी रहा। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि हमले के जिम्मेदार लोगों की पहचान कर उन्हें पकड़ने के लिए उखरुल जिले और आसपास के संवेदनशील इलाकों में समन्वित तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। यह घात लगाकर हमला उस समय किया गया, जब सुरक्षा बलों ने उसी जिले के लिटन पुलिस स्टेशन क्षेत्र के थोयी गांव (महादेव टॉप) और जालेनबुंग गांव में उग्रवादियों के दो बड़े ठिकानों को नष्ट किया था। यह कार्रवाई उग्रवादी नेटवर्क के खिलाफ चलाए जा रहे लगातार अभियानों का हिस्सा थी। नागा विद्रोही संगठन नेशनल सोशलिस्ट काउंसिल ऑफ नागालिम-इसाक-मुइवा (एनएससीएन-आईएम) ने उखरुल में असम राइफल्स के वाहन पर हुए हमले में अपनी किसी भी भूमिका से इनकार किया है। संगठन ने कहा है कि वह केंद्र सरकार के साथ हुए संघर्ष विराम समझौते और भारत-नागा शांति प्रक्रिया के प्रति प्रतिबद्ध है। एनएससीएन-आईएम ने एक बयान जारी कर कहा कि वह इस घटना में शामिल नहीं था और उसे इसके बारे में कोई जानकारी भी नहीं थी। संगठन ने कहा कि वह भारत सरकार के साथ हुए सीजफायर समझौते के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है और तय नियमों के अनुसार अपनी जिम्मेदारियां निभा रहा है। एनएससीएन-आईएम ने दोहराया कि वह ऐसा कोई कदम नहीं उठाएगा, जिससे भारत-नागा शांति वार्ता कमजोर हो या उसमें किसी तरह की बाधा आए।
 
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