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11वें आयुर्वेद दिवस: एआईआईए ने शुरू किया विशेष डिजिटल कार्यक्रम आयुर्वार्ता
By Virat baibhav | Publish Date: 1/9/2026 7:54:11 PM
11वें आयुर्वेद दिवस: एआईआईए ने शुरू किया विशेष डिजिटल कार्यक्रम आयुर्वार्ता

नई दिल्ली। आयुर्वेद की समृद्ध ज्ञान परंपरा, वैज्ञानिक दृष्टिकोण और वैश्विक संभावनाओं को जन-जन तक पहुंचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान (एआईआईए) नई दिल्ली ने आगामी 11वें आयुर्वेद दिवस के अवसर पर विशेष डिजिटल संवाद श्रृंखला आयुर्वार्ता का शुभारंभ किया है। आयुर्वार्ता के माध्यम से आयुर्वेद से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों, समसामयिक स्वास्थ्य चुनौतियों, वैज्ञानिक अनुसंधान, शिक्षा, चिकित्सा तथा आयुर्वेद के वैश्विक विस्तार पर विशेषज्ञों के साथ सार्थक संवाद प्रस्तुत किए जाएंगे।
आयुर्वेद दिवस की निश्चित तिथि पर पहली कड़ी में विशेष विमर्श
आयुर्वार्ता की पहली कड़ी में अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान के निदेशक प्रोफेसर (वैद्य)पी.के. प्रजापति और डीन, पीएच.डी. प्रोफेसर डॉ. महेश व्यास के बीच विशेष संवाद हुआ। इस कड़ी का केंद्रीय विषय रहा आखिर आयुर्वेद दिवस 23 सितंबर को ही क्यों, विमर्श के दौरान आयुर्वेद दिवस के इतिहास, पूर्व में धन्वंतरि जयंती के अवसर पर इसके आयोजन तथा भारत सरकार द्वारा आयुर्वेद दिवस के लिए एक निश्चित तिथि निर्धारित किए जाने के निर्णय पर विस्तार से चर्चा की गई। उल्लेखनीय है कि पूर्व में आयुर्वेद दिवस धन्वंतरि जयंती (धनतेरस) के अवसर पर मनाया जाता था। भारत सरकार द्वारा मार्च 2025 में जारी राजपत्र अधिसूचना के माध्यम से आयुर्वेद दिवस के लिए 23 सितंबर की निश्चित तिथि निर्धारित की गई। वर्ष 2025 से आयुर्वेद दिवस प्रत्येक वर्ष 23 सितंबर को मनाया जा रहा है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आयुर्वेद की वैश्विक पहुंच को मिल रही नई गति
इस अवसर पर एआईआईए के निदेशक प्रोफेसर (वैद्य) पी.के. प्रजापति ने कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आयुर्वेद को भारत की प्राचीन चिकित्सा परंपरा से आगे बढ़ाकर वैश्विक स्वास्थ्य व्यवस्था में एक महत्वपूर्ण ज्ञान एवं चिकित्सा पद्धति के रूप में स्थापित करने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। इस वर्ष आयुर्वेद दिवस न केवल देश के विभिन्न हिस्सों में, बल्कि विदेश में भी व्यापक स्तर पर और पूरे उत्साह के साथ मनाया जाएगा। यह आयुर्वेद की वैश्विक स्वीकार्यता और बढ़ते प्रभाव का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि आयुर्वेद दिवस के लिए निश्चित तिथि का निर्धारण आयुर्वेद को एक वैश्विक स्वास्थ्य एवं जीवनशैली विज्ञान के रूप में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। आज दुनिया भर में लोग समग्र स्वास्थ्य, निवारक चिकित्सा, प्राकृतिक जीवनशैली और स्वस्थ जीवन के लिए आयुर्वेद की ओर आकर्षित हो रहे हैं। प्रो. प्रजापति ने कहा कि आयुर्वार्ता इसी व्यापक दृष्टिकोण का एक डिजिटल विस्तार है, जिसके माध्यम से आयुर्वेद से जुड़े प्रामाणिक ज्ञान और विशेषज्ञों के विचारों को देश-दुनिया के लोगों तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।
एआईआईए: आयुर्वेद शिक्षाए चिकित्सा और अनुसंधान का उत्कृष्ट संस्थान
अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान (एआईआईए) आयुष मंत्रालय, भारत सरकार के अंतर्गत एक स्वायत्त संस्थान है। संस्थान का उद्देश्य आयुर्वेद के क्षेत्र में उच्च स्तरीय शिक्षा, गुणवत्तापूर्ण चिकित्सकीय सेवाओं तथा अत्याधुनिक अनुसंधान को बढ़ावा देना और देश में आयुर्वेद से संबंधित शैक्षणिक, चिकित्सकीय एवं शोध संस्थानों को उत्कृष्टता की दिशा में आगे बढ़ाना है। अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान आयुर्वेद की पारंपरिक ज्ञान प्रणाली को आधुनिक वैज्ञानिक अनुसंधान एवं प्रमाण-आधारित दृष्टिकोण के साथ जोडऩे की दिशा में निरंतर कार्य कर रहा है। संस्थान शिक्षा, अनुसंधान, रोगी सेवाओं, कौशल विकास तथा नवाचार के माध्यम से आयुर्वेद को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सशक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।
23 सितंबररू आयुर्वेद दिवस के लिए नई पहचान
आयुर्वेद दिवस की निश्चित तिथि निर्धारित किए जाने से इसके आयोजन को एक स्थायी और वैश्विक पहचान देने का मार्ग प्रशस्त हुआ है। आयुर्वार्ता में अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान के डीन, पीएचडी प्रो.डॉ. महेश व्यास ने बताया कि 23 सितंबर शरद विषुव के आसपास की तिथि है, जब दिन और रात की अवधि लगभग समान होती है। आयुर्वेद के मूल दर्शन में संतुलन और समत्व को स्वास्थ्य का महत्वपूर्ण आधार माना गया है। इस दृष्टि से भी 23 सितंबर की तिथि आयुर्वेद के संतुलन आधारित स्वास्थ्य दर्शन के साथ एक सार्थक वैचारिक संबंध स्थापित करती है।
आयुर्वार्ता बनेगा आयुर्वेद संवाद का डिजिटल मंच
एआईआईए द्वारा शुरू की गई आयुर्वार्ता केवल एक कार्यक्रम नहीं बल्कि आयुर्वेद पर निरंतर संवाद स्थापित करने की एक डिजिटल पहल है। इस श्रृंखला में आने वाले समय में देश के प्रमुख आयुर्वेद विशेषज्ञों, चिकित्सकों, शिक्षाविदों, वैज्ञानिकों, शोधकर्ताओं और नीति विशेषज्ञों के साथ संवाद प्रस्तुत किए जाएंगे। आयुर्वार्ता की आगामी कडिय़ों में आयुर्वेद के विभिन्न आयामों पर चर्चा होगी,जिनमें आयुर्वेद का वैज्ञानिक आधार और आधुनिक अनुसंधान, आयुर्वेद शिक्षा एवं नई पीढ़ी की भूमिका,आयुर्वेद एवं सार्वजनिक स्वास्थ्यए आयुर्वेद में नवाचार और तकनीक, आयुर्वेद एवं आधुनिक चिकित्सा विज्ञान का समन्वय, औषधीय पौधे एवं प्राकृतिक संसाधन,स्वस्थ जीवनशैली एवं निवारक स्वास्थ्य, आयुर्वेद और वैश्विक स्वास्थ्य,आयुर्वेद के अंतरराष्ट्रीय विस्तार की संभावनाएं,आयुर्वेद में शोध एवं प्रमाण-आधारित चिकित्सा जैसे महत्वपूर्ण विषयों को शामिल किया जाएगा।
एआईआईए के सभी प्रमुख डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध होगी शृंखला
आयुर्वार्ता की कडिय़ां एआईआईए के आधिकारिक डिजिटल एवं सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर प्रसारित होती रहेंगी। दर्शक इसे यूट्यूब, फेसबुक, एक्स पूर्व में ट्विटर और इंस्टाग्राम सहित संस्थान के आधिकारिक डिजिटल प्लेटफॉर्म पर देख सकेंगे। इस पहल के माध्यम से एआईआईए का प्रयास है कि आयुर्वेद से संबंधित प्रामाणिक एवं वैज्ञानिक जानकारी युवाओं, विद्यार्थियों, चिकित्सकों, शोधकर्ताओं और आम नागरिकों तक सरल एवं प्रभावी तरीके से पहुंचे।
 
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