Thursday,13 August 2026,05:09 AM
ब्रेकिंग न्यूज़
एक-एक सवाल का दूंगा जवाब, विपक्ष तय करे चर्चा करनी है या हंगामा : गृह मंत्री अमित शाहहमें अमित शाह का बयान सुनने में कोई दिलचस्पी नहीं, छात्रों के मुद्दों पर जवाब देना चाहिए : राहुल गांधीसंसद में गतिरोध पर भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन का कांग्रेस और विपक्षी दलों पर हमला, चिराग पासवान ने भी की आलोचनाभाजपा सरकार के 100 दिन पूरे होने पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के पश्चिम बंगाल दौरे की संभावना तेजडिजिलॉकर के 72.43 करोड़ रजिस्टर्ड यूजर्स, उमंग प्लेटफॉर्म पर 11.66 करोड़ उपयोगकर्ता; डिजिटल सेवाओं का तेजी से बढ़ा दायरामुंबई में रिहायशी इलाके में भूस्खलन से 7 लोगों की मौत, सीएम फडणवीस ने दुख जतायासुप्रीम कोर्ट में शिवसेना नाम-निशान विवाद पर सुनवाई, कपिल सिब्बल ने ईसीआई के अधिकार क्षेत्र पर उठाए सवाल'शॉर्टकट विल कट यू शॉर्ट', प्रधानमंत्री मोदी का संदेश- 'शॉर्टकट के रास्ते से निकलें बाहर नौजवान'
लाइफस्टाइल
उंगलियां, कोहनी और घुटने पड़ गए हैं काले तो न करें नजरअंदाज, ये हो सकते हैं संकेत
By Virat baibhav | Publish Date: 5/8/2026 4:01:29 PM
उंगलियां, कोहनी और घुटने पड़ गए हैं काले तो न करें नजरअंदाज, ये हो सकते हैं संकेत

नई दिल्ली। चेहरे की देखभाल पर तो ज्यादातर लोग ध्यान देते हैं, लेकिन शरीर के कुछ हिस्से अक्सर नज़रअंदाज़ हो जाते हैं। हाथों की उंगलियों के जोड़, कोहनी और घुटनों पर जमा कालापन खूबसूरती को फीका कर देते हैं। इन हिस्सों के काले होने के पीछे केवल गंदगी या सफाई की कमी नहीं होती, बल्कि शरीर के अंदर कुछ ऐसे बदलाव होते हैं, जो इन हिस्सों को प्रभावित करते हैं।  त्वचा विशेषज्ञों के अनुसार, नकल्स, कोहनी और घुटनों की त्वचा शरीर के दूसरे हिस्सों की तुलना में थोड़ी मोटी होती है। इन जगहों पर बार-बार दबाव पड़ने से त्वचा की ऊपरी परत में केराटिन नामक प्रोटीन की मात्रा बढ़ने लगती है, जिससे वह हिस्सा गहरे रंग का दिखाई देने लगता है। कई बार लगातार घर्षण के कारण शरीर उन जगहों पर मेलेनिन का उत्पादन बढ़ा देता है। मेलेनिन हमारी त्वचा के रंग को तय करता है। जब किसी हिस्से पर बार-बार दबाव या चोट जैसी स्थिति बनती है तो शरीर सुरक्षा के तौर पर वहां ज्यादा मेलेनिन बनाने लगता है, जिससे त्वचा का रंग गहरा हो सकता है। हालांकि, अगर नकल्स, कोहनी या घुटनों का कालापन अचानक बढ़ने लगे, तो इसे केवल बाहरी समस्या मानना सही नहीं है। कई मामलों में यह इंसुलिन रेजिस्टेंस से भी जुड़ा हो सकता है। इस स्थिति में शरीर इंसुलिन का सही इस्तेमाल नहीं कर पाता और खून में इंसुलिन का स्तर बढ़ने लगता है। इसका असर त्वचा की कोशिकाओं पर भी पड़ सकता है। कुछ लोगों में विटामिन बी12 की कमी के कारण भी त्वचा पर गहरा रंग दिखाई दे सकता है, खासकर अगर उंगलियों के जोड़ों में ज्यादा कालेापन आ रहा हो, तो यह शरीर में पोषण की कमी का संकेत हो सकता है। इसके अलावा, थायरॉइड की समस्या या एडिसन डिजीज जैसी कुछ स्वास्थ्य समस्याएं भी त्वचा में बदलाव लाती हैं। इसलिए, अगर कालापन लंबे समय से बना हुआ है या इसके साथ कमजोरी, वजन में बदलाव या दूसरे लक्षण दिखाई दें, तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है। इन समस्याओं में त्वचा की सही देखभाल के साथ कुछ प्राकृतिक चीजों का इस्तेमाल भी मददगार हो सकता है। आयुर्वेद में त्वचा की सफाई, नमी बनाए रखने और रूखेपन को कम करने के लिए कई घरेलू उपाय बताए गए हैं। हालांकि, किसी भी उपाय को अपनाने से पहले यह समझना जरूरी है कि हर व्यक्ति की त्वचा अलग होती है। दही और हल्दी का मिश्रण त्वचा के कालेपन को हटाने में उपयोगी माना जाता है। दही में मौजूद लैक्टिक एसिड त्वचा की मृत कोशिकाओं को हटाने में मदद करता है, जबकि हल्दी में पाए जाने वाले करक्यूमिन में सूजन कम करने और एंटीऑक्सीडेंट गुण पाए जाते हैं। इसके लिए दो चम्मच दही में थोड़ी सी हल्दी मिलाकर लगाया जा सकता है। कुछ देर बाद इसे पानी से साफ कर लें। आलू और नींबू का इस्तेमाल भी कई लोग त्वचा के कालेपन को कम करने के लिए करते हैं। आलू में कुछ ऐसे एंजाइम पाए जाते हैं जो त्वचा की रंगत को समान बनाने में मदद कर सकते हैं, वहीं नींबू में मौजूद साइट्रिक एसिड मृत त्वचा कोशिकाओं को हटाने में सहायक हो सकता है। बादाम और मलाई का मिश्रण भी इसमें लाभकारी माना जाता है। बादाम में मौजूद विटामिन ई त्वचा को पोषण देता है और मलाई त्वचा में नमी बनाए रखने में मदद करती है। इसी तरह बेसन और एलोवेरा का मिश्रण भी त्वचा की सफाई करता है। एलोवेरा में पाए जाने वाले प्राकृतिक तत्व त्वचा को हाइड्रेट रखने में मदद करते हैं।
 
COPYRIGHT @ 2016 VIRAT VAIBHAV. ALL RIGHT RESERVED.DESIGN & DEVELOPED BY: 4C PLUS