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भारतीय विरासत की झलक, बार्सिलोना पहुंचा आईएनएस सुदर्शिनी
By Virat baibhav | Publish Date: 2/9/2026 5:03:31 PM
भारतीय विरासत की झलक, बार्सिलोना पहुंचा आईएनएस सुदर्शिनी

 
नई दिल्ली। भारतीय नौसेना का 'आईएनएस सुदर्शिनी' बार्सिलोना पहुंच गया। 'आईएनएस सुदर्शिनी' एक बेहद खास पाल वाला पारंपरिक शैली का पोत है। यह लंबी समुद्री यात्रा पर है। बार्सिलोना पहुंचने के साथ ही इस ने एक और महत्वपूर्ण पड़ाव पार कर लिया है। दरअसल यह यात्रा भारतीय नौसेना के अंतरमहाद्वीपीय समुद्री अभियान ‘लोकायन 2026’ का हिस्सा है। लोकायन के माध्यम से भारत विश्व में शांति और मित्रता का संदेश दे रहा है। आईएनएस सुदर्शिनी के स्पेन पहुंचने से यहां दोनों देशों के बीच समुद्री साझेदारी आपसी सहयोग व संपर्क बढ़ेगा।
 
नौसेना के मुताबिक, यह भारतीय पोत 1 सितंबर को स्पेन के बार्सिलोना पहुंचा है। बार्सिलोना में अपने प्रवास के दौरान आईएनएस सुदर्शिनी पर भारतीय नौसेना और स्पेनिश नौसेना के बीच पेशेवर तथा सांस्कृतिक गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। इसके साथ ही अन्य समुद्री क्षेत्र से जुड़े हितधारकों के साथ भी विभिन्न कार्यक्रम होंगे।
 
इस दौरान पोत पर सवार समुद्री प्रशिक्षणार्थियों को पेशेवर बातचीत और समुद्री कौशल से जुड़े अनुभवों के आदान-प्रदान का अवसर मिलेगा। इससे प्रशिक्षण ले रहे जवानों को अंतरराष्ट्रीय समुद्री वातावरण को करीब से समझने और दूसरे देशों की नौसेनाओं के अनुभवों से सीखने का मौका भी मिलेगा।
 
आईएनएस सुदर्शिनी के बार्सिलोना प्रवास का एक खास आकर्षण यह होगा कि 4 सितंबर को पोत को आगंतुकों के लिए खोला जाएगा। इससे स्थानीय लोगों और अन्य आगंतुकों को भारतीय नौसेना की समुद्री परंपराओं, पाल नौकायन की विरासत और समुद्री अन्वेषण की भावना को करीब से देखने का अवसर मिलेगा।
 
दरअसल पाल प्रशिक्षण पोत पर यात्रा करना अपने आप में नौसैनिक प्रशिक्षण का एक अनूठा अनुभव है। समुद्र, हवा और पाल के साथ आगे बढ़ते हुए प्रशिक्षणार्थी न केवल समुद्री कौशल सीखते हैं, बल्कि अनुशासन, टीम भावना और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में निर्णय लेने की क्षमता भी विकसित करते हैं। वहीं लोकायन 2026 केवल एक समुद्री यात्रा नहीं है, बल्कि यह भारत की समृद्ध समुद्री परंपरा का प्रतीक है। यह भारत की प्राचीन व आधुनिक समुद्री क्षमता को दुनिया के सामने रखने का माध्यम भी है।
 
आईएनएस सुदर्शिनी की यह यात्रा भारत की वैश्विक समुद्री गतिविधियों में महत्वपूर्ण भूमिका को प्रदर्शित कर रही है। भारतीय नौसेना के लिए ऐसे अभियानों का एक महत्वपूर्ण उद्देश्य अपने अधिकारियों और प्रशिक्षणार्थियों को समुद्र में व्यावहारिक प्रशिक्षण और पाल नौकायन में उत्कृष्टता हासिल करने का अवसर देना भी है।
 
वहीं, बार्सिलोना में आईएनएस सुदर्शिनी की मौजूदगी भारत और स्पेन के बीच समुद्री संपर्क को मजबूत करेगी। इसके साथ-साथ भारतीय नौसेना की पेशेवर क्षमता, समुद्री परंपरा और साहसिक समुद्री अभियानों की भावना को भी प्रदर्शित करेगी।
 
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