कटरााजम्मू। त्रिकुटा पहाड़ियों पर स्थित माता वैष्णो देवी मंदिर की तीर्थयात्रा बुधवार को नौवें दिन भी स्थगित है और इसके आधार शिविर में पिछले 24 घंटों के दौरान 200 मिलीमीटर से अधिक बारिश दर्ज की गई, जो जम्मू क्षेत्र में सबसे अधिक है।
वैष्णो देवी की तीर्थयात्रा 26 अगस्त को रोक दी गई थी। इससे कुछ घंटे बाद ही अर्धकुंवारी के निकट पुराने मार्ग पर बारिश के कारण बड़ा भूस्खलन हुआ था, जिसमें 34 श्रद्धालुओं की मौत हो गई थी और 20 अन्य घायल हो गए थे। तीर्थयात्रा स्थगित है, फिर भी मंदिर खुला है और इसके पुजारी रोज प्रार्थना तथ अनुष्ठान कर रहे हैं।
तीर्थयात्रा स्थगित होने के कारण कटरा पहुंच चुके कुछ तीर्थयात्री दर्शनी ड्योढ़ी (मंदिर के रास्ते का मुख्य प्रवेश द्वार) पर पूजा-अर्चना कर रहे हैं। दर्शनी ड्योढ़ी, मंदिर के प्रथम दर्शन की परिचायक है। महाराष्ट्र के नागपुर से आए श्रद्धालु प्रमोद ने पीटीआई-भाषा को बताया, मैंने मंदिर में पूजा-अर्चना करने के लिए करीब तीन महीने पहले विमान, ट्रेन और होटल की टिकटें बुक कराई थीं। लेकिन तीर्थयात्रा स्थगित है, इसलिए मैं घर लौटने से पहले यहीं (दर्शनी ड्योढ़ी) से पूजा-अर्चना कर रहा हूं।
हालांकि, उन्होंने कहा कि वह निराश नहीं हैं और उन्होंने वापस लौटने तथा माता के बुलावे का इंतजार करने का संकल्प जताया। लगातार बारिश के कारण नदियों और नालों, विशेषकर बाणगंगा नदी में जलस्तर बढ़ गया है। बाणगंगा जम्मू से गुजरती है।
अधिकारियों ने कहा कि यात्रा को फिर से शुरू करने का निर्णय तब लिया जाएगा जब स्थिति में सुधार होगा और पहाड़ी पर स्थित इस मंदिर तक 12 किलोमीटर लंबे दोहरे मार्ग पर श्रद्धालुओं के लिए अवरोध हटा दिया जाएगा।