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प्रधानमंत्री डरे हुए हैं, सच्चाई का सामना नहीं करना चाहते: कांग्रेस
By Virat baibhav | Publish Date: 4/2/2026 11:19:36 PM
नई दिल्ली। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने बुधवार को दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी आज संसद में नहीं आए क्योंकि वह डरे हुए हैं और सच्चाई का सामना नहीं करना चाहते हैं। राहुल गांधी पूर्व सेना प्रमुख एम एम नरवणे के अप्रकाशित संस्मरण की एक प्रति लेकर संसद पहुंचे थे और कहा था कि यदि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी सदन में आते हैं तो वह यह पुस्तक उन्हें भेंट करेंगे। लोकसभा की कार्यवाही दिन भर के लिए स्थगित होने के बाद उन्होंने एक्स पर पोस्ट किया, जैसा मैंने कहा, प्रधानमंत्री मोदी संसद में नहीं आएंगे क्योंकि वह डरे हुए हैं और सच्चाई का सामना नहीं करना चाहते। इससे पहले, उन्होंने इस अप्रकाशित पुस्तक के एक अंश का हवाला देते हुए दावा किया कि जब चीन के टैंक भारत की सीमा की तरफ बढ़ रहे थे, उस वक्त प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपने उत्तरदायित्व का निर्वहन नहीं किया था। उन्होंने संवाददाताओं को पुस्तक दिखाते हुए कहा, वे (सरकार) कहते हैं कि यह किताब अस्तित्व में नहीं है, लेकिन यह रही किताब। भारत के हर युवा को यह देखना चाहिए कि यह किताब मौजूद है। यह नरवणे जी की किताब है, लेकिन मुझे कहा गया है कि मैं इसके अंश उद्धृत नहीं कर सकता। राहुल गांधी ने दावा किया कि इसमें प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की कही एक लाइन है कि जो उचित समझो, वो करो। कांग्रेस नेता ने कहा, नरवणे जी ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह जी को फोन कर बताया कि सीमा पर चीन के टैंक आ गए हैं, हमें क्या करना है? लेकिन तब राजनाथ सिंह जी का कोई उत्तर नहीं आया। नरवणे जी ने उन्हें फिर फोन किया, जिस पर रक्षा मंत्री ने कहा- मैं ऊपर से पूछता हूं। ऊपर से आदेश आया कि जब चीन की सेना हमारी सीमा के अंदर आए तो बिना हमसे पूछे फायर नहीं करें। उनका कहना था, हमारी सेना चीन के टैंकों पर हमला करना चाहती थी, क्योंकि वो भारत की सीमा में घुस आए थे। लेकिन इस मुश्किल समय में नरेन्द्र मोदी जी ने संदेश दिया- ैजो उचित समझो, वो करो। मतलब प्रधानमंत्री मोदी ने अपनी जिम्मेदारी पूरी नहीं की और सेना से कहा कि आपको जो करना है करो, मेरे बस की नहीं है। राहुल गांधी के मुताबिक, तत्कालीन सेना प्रमुख नरवणे ने अपनी किताब में साफ लिखा है, मुझे बहुत अकेलापन महसूस हुआ, पूरे सिस्टम ने मुझे छोड़ दिया था।