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गंगा की गोद में विराजे गंगेश्वर महादेव, पुरुषोत्तम मास में दर्शन को उमड़ रहे आस्थावान
By Virat baibhav | Publish Date: 4/6/2026 4:14:23 PM
गंगा की गोद में विराजे गंगेश्वर महादेव, पुरुषोत्तम मास में दर्शन को उमड़ रहे आस्थावान

मीरजापुर। धार्मिक नगरी विंध्याचल में इन दिनों आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिल रहा है। गुदारा घाट के समीप गंगा नदी के मध्य स्थित विश्व प्रसिद्ध गंगेश्वर महादेव धाम पुरुषोत्तम मास में श्रद्धालुओं के आकर्षण का प्रमुख केंद्र बना हुआ है। गंगा की धारा के बीच विराजमान भगवान शिव के दुर्लभ स्वरूप के दर्शन के लिए दूर-दराज से श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। मान्यता है कि गंगेश्वर महादेव का शिवलिंग वर्षभर मां गंगा की गोद में विराजमान रहता है। आठ माह तक गंगा स्वयं भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक करती हैं, जबकि जलस्तर कम होने पर शेष चार माह श्रद्धालुओं को प्रत्यक्ष दर्शन और पूजन का सौभाग्य प्राप्त होता है। यही कारण है कि गंगेश्वर महादेव का धाम देशभर के शिवभक्तों के लिए विशेष महत्व रखता है। श्रद्धालुओं के अनुसार, यहां स्थित शिवलिंग का स्वरूप अत्यंत अनोखा और दुर्लभ है। शिवलिंग पर प्राकृतिक रूप से उभरी रुद्राक्ष माला जैसी आकृतियां भक्तों को आश्चर्यचकित कर देती हैं। इस अद्भुत स्वरूप को देखने और पूजा-अर्चना करने के लिए प्रतिवर्ष बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं। पुरुषोत्तम मास में गंगेश्वर महादेव के दर्शन का महत्व और भी बढ़ जाता है।

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