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प्रभु महिमा
क्या पीरियड्स में भी रखा जा सकता है सावन के सोमवार का व्रत? जानिए मान्यता और नियम
By Virat baibhav | Publish Date: 31/7/2026 3:06:49 PM
क्या पीरियड्स में भी रखा जा सकता है सावन के सोमवार का व्रत? जानिए मान्यता और नियम

नई दिल्ली। सावन का महीना भगवान शिव की भक्ति के लिए सबसे पवित्र माना जाता है। इस दौरान सावन के सोमवार का व्रत रखने का विशेष महत्व बताया गया है। सुहागिन महिलाएं पति की लंबी उम्र के लिए व्रत रखती हैं, जबकि कुंवारी कन्याएं मनचाहा जीवनसाथी पाने की कामना से सावन के सोमवार का व्रत करती हैं, लेकिन कई महिलाओं के मन में एक सवाल जरूर आता है कि अगर सावन सोमवार के व्रत के दौरान पीरियड्स आ जाएं तो क्या करें? क्या व्रत छोड़ देना चाहिए या फिर उसे जारी रखना चाहिए? धर्म शास्त्रों में बताया गया है कि यदि आपने पहले से सावन के सोमवार का व्रत रखने का संकल्प लिया है और बीच में मासिक धर्म शुरू हो जाए, तो व्रत को बीच में नहीं छोड़ना चाहिए। पीरियड्स महिलाओं की एक प्राकृतिक शारीरिक प्रक्रिया है, इसलिए इसे अशुभ मानकर व्रत तोड़ने की जरूरत नहीं है। आप व्रत रख सकती हैं और फलाहार भी कर सकती हैं। हालांकि, इस दौरान पूजा के कुछ नियमों का पालन करना जरूरी माना गया है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार मासिक धर्म के समय महिलाओं को शिवलिंग का स्पर्श नहीं करना चाहिए, जलाभिषेक नहीं करना चाहिए और न ही पूजा की सामग्री अर्पित करनी चाहिए। यदि घर में शिवलिंग की पूजा हो रही है तो परिवार का कोई अन्य सदस्य आपके नाम से पूजा कर सकता है। ऐसी स्थिति में आप घर में शांत स्थान पर बैठकर भगवान शिव का ध्यान कर सकती हैं। "ॐ नमः शिवाय" मंत्र का जाप करें, और शिव चालीसा, शिव पुराण या सावन सोमवार व्रत कथा को मोबाइल या ऑडियो के माध्यम से सुनें। माना जाता है कि भगवान शिव सच्ची श्रद्धा और भक्ति से की गई प्रार्थना को स्वीकार करते हैं। इस दौरान साफ-सफाई और व्यक्तिगत स्वच्छता का विशेष ध्यान रखना भी जरूरी है। व्रत के दौरान शरीर को पर्याप्त आराम दें और फल, दूध, दही, नारियल पानी जैसी हल्की और पौष्टिक चीजों का सेवन करें ताकि कमजोरी महसूस न हो। हालांकि, अलग-अलग परिवारों और परंपराओं में पूजा-पाठ के नियम अलग हो सकते हैं, इसलिए यदि आपके घर में कोई विशेष परंपरा चली आ रही है, तो उसका पालन करना उचित माना जाता है।
 
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