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भगवान परशुराम जन्मोत्सव पर ब्राह्मणों की बैठक, सशक्त राष्ट्र बनाने का संकल्प
By Virat baibhav | Publish Date: 19/4/2026 5:00:03 PM
भगवान परशुराम जन्मोत्सव पर ब्राह्मणों की बैठक, सशक्त राष्ट्र बनाने का संकल्प

ब्राह्मण समाज के उत्थान, विकास एवं पतन के कारणों पर हुई चर्चा
प्रयागराज। भगवान परशुराम जी के जन्मोत्सव के पावन अवसर पर भगवान परशुराम समिति, प्रयागराज के तत्वावधान में रविवार को अविचल द्विवेदी के राजरूपपुर आवास पर 51 विप्रजनों की बैठक हुई। जिसमें सशक्त राष्ट्र बनाने का संकल्प लिया गया। बैठक में पौराणिक काल से लेकर वर्तमान काल तक ब्राह्मण समाज के उत्थान, विकास एवं पतन के कारणों पर विस्तृत चर्चा की गई। इस अवसर पर अविचल द्विवेदी ने कहा कि ब्राह्मण विद्वानों से शिक्षा, संस्कार, एकता और संगठन पर बल देते हुए समाज को पुनः उसकी गौरवशाली परम्पराओं से जोड़ना समय की मांग है। ब्राह्मण ने धर्माधिकारी के रूप में राज्य के राजा को सही समय पर सलाह और सुझाव देकर राष्ट्र हित में सदैव योगदान दिया है। विजय उपाध्याय ने कहा ब्राह्मण ने जगत में गुरुकुल शिक्षा के माध्यम से समाज को संस्कार रूपी ज्ञान देकर ही एक सशक्त भारत बनाया है। डॉ प्रभु नाथ शुक्ला ने कहा ब्राह्मण अपने आप में बहुत बड़ी विचारधारा है। ब्राह्मण अगर एकजुट रहता हैं तो विश्व की कोई शक्ति नहीं है जो ब्राह्मण को पराजित कर सके। अविनाश द्विवेदी ने कहा ब्राह्मण समाज ने सदैव शैक्षिक, सामाजिक और धार्मिक उत्थान एवं सर्व समाज निर्माण के लिए अपना जीवन समर्पित किया है। पवन मिश्रा ने कहा प्रत्येक ब्राह्मण को अपने अंदर की अहंकार और बुराई को समाप्त करने की शुरुआत घर से करनी चाहिए, तभी ब्राह्मण को कोई भी अपमानित नहीं कर सकता है। संचालन करते हुए दिनेश तिवारी ने कहा कि भगवान परशुराम ने 21 बार क्षत्रिय विहीन धरती करने की जो गाथाएं लोग कहते हैं, वह भगवान परशुराम ने अहंकार और घमंड को खत्म करने का काम किया था। अहंकारी और घमंडी राजा को दंड देने का काम किया था। सुधाकर द्विवेदी ने कहा जो ब्राह्मण सक्षम व सामर्थ्यवान तथा अधिकारी वर्ग है, अगर गरीब, कमजोर और असहाय ब्राह्मणों की मदद करे, तभी ब्राह्मण समाज में मजबूती आएगी। बैठक के अंत में सभी विप्र बंधुओं ने एकमत होकर एक सशक्त, संगठित एवं संस्कारवान राष्ट्र के निर्माण का संकल्प लिया। इस अवसर पर भगवान परशुराम के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन तथा शंखनाद के बीच मन्त्रोंचार द्वारा पुष्पांजलि अर्पित कर कार्यक्रम का शुभारम्भ किया गया। बैठक का संचालन दिनेश तिवारीएवं आभार अविचल द्विवेदी ने व्यक्त किया। धर्मेश मिश्रा, गोविंद दुबे, संतोष पांडे, आशीष दुबे, राजेंद्र त्रिपाठी, जयशंकर उपाध्याय, गणेश उपाध्याय, मनोज दुबे, सुधांशु पाठक, हिमांशु पांडेय, अतुल मिश्रा, शैलेंद्र द्विवेदी, आशीष मिश्रा, चंद्रमा तिवारी, कमलेश मिश्रा, पवन मिश्रा, संजय मिश्रा, तिलक द्विवेदी, अविनाश द्विवेदी, रमेश ओझा, काशी नरेश मिश्रा, मोहित शुक्ला, प्रवीण शुक्ला, श्रीराम द्विवेदी आदि ने पौराणिक काल से आज तक ब्राह्मण समाज की यात्रा पर गहन चर्चा की।

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