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चम्पत राय और अनिल मिश्रा का इस्तीफा मंजूर, कृष्ण मोहन कार्यकारी महासचिव नियुक्तः गोविंद देव गिरि
By Virat baibhav | Publish Date: 6/7/2026 11:24:46 PM
चम्पत राय और अनिल मिश्रा का इस्तीफा मंजूर, कृष्ण मोहन कार्यकारी महासचिव नियुक्तः गोविंद देव गिरि


अयोध्या। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की सोमवार को यहां हुई बैठक में ट्रस्ट के महासचिव चम्पत राय और सदस्य डॉ अनिल मिश्र का त्यागपत्र स्वीकार कर लिया गया। इसके साथ ही ट्रस्ट के सदस्य कृष्ण मोहन त्रिपाठी को कार्यकारी महासचिव नियुक्त किया गया है। बैठक में कार्यकारी महासचिव कृष्ण मोहन ने अपनी प्राथमिकताएं गिनाते हुए कहा कि पहला काम चढ़ावा चोरी करने वाले अपराधियों को दंड दिलाना और मंदिर प्रबंधन में अब तक रहीं कमियां दूर करना है। ट्रस्ट के सदस्य समाज में राम मंदिर की पुन: प्रतिष्ठा और विश्वास बनाएंगे।
 
 
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंददेव गिरि महाराज ने बैठक में लिये गए फैसलों की मीडिया को जानकारी दी। उन्होंने कहा कि ट्रस्ट की बैठक में सदस्यों का कोरम पूरा हुआ और इस बैठक में ट्रस्ट के सदस्य के. पारासरन आभासी रूप से जुड़े। बैठक में मंदिर के दान में चोरी की घटना को अत्यंत दुर्भाग्य और आहत करने वाली बताया गया।
 
बैठक में ट्रस्ट के महासचिव चम्पत राय और ट्रस्टी डॉ अनिल मिश्र द्वारा नैतिक रूप से अपने अपने पदों से दिए गए त्यागपत्र पर ट्रस्ट के नियमों के अनुरूप चर्चा की गयी।बैठक के दौरान सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता एवं ट्रस्टी के. पारासरन ने सदस्यों को बताया कि ट्रस्ट का नियम है कि अगर कोई सदस्य त्यागपत्र देता है तो त्यागपत्र स्वीकार हो जाएगा। ऐसे में नैतिक आधार पर महामंत्री चम्पत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्र का त्यागपत्र स्वीकार कर लिया गया है। साथ ही ट्रस्टी कृष्ण्मोहन को कार्यकारी महासचिव नियुक्त किया गया है। इनकी मदद के लिए एक समिति भी गठित की गयी है।
 
गोविंद देव गिरि ने बताया कि 22 जुलाई को ट्रस्ट की पुन: बैठक होगी। बैठक में ट्रस्ट के नए सदस्यों की नियुक्ति पर विचार किया जाएगा। तब तक एसआईटी की फाइनल रिपोर्ट आ जाएगी। दान चोरी करने वाले अन्य अपराधियों के खिलाफ भी कार्यवाही की जाएगी। उन्होंने कहा कि राम मंदिर के लिए दान की गयी 2800 वस्तुतों की सूची बनी है और अगर किसी भी दानदाता के मन में संशय है तो वे ट्रस्ट के अयोध्या कार्यालय आकर देख सकते हैं। सभी वस्तुओं को पूरी तरह से सुरक्षित रखा गया है।
 
बड़े ही भावुक हाेते हुए गोविंद देव गिरि महाराज ने कहा कि मंदिर चोरी के प्रकरण को लेकर अनर्गल बातें मीडिया में आने और कुछ राजनीतिक दलों की ओर से इस मुद्दे पर जो चिंता दिखायी जा रही है वे राष्ट्र के लिए घातक हैं, क्योंकि यही वे राजनीतिक दल और नेता हैं जो भगवान राम को काल्पनिक बता कर न्यायालय तक गए। मंदिर आंदोलन के समय कारसेवकों पर गोलियां तक चलवाईं। ऐसे नेताओं एवं संगठनों का मकसद राजनीतिक रोटियां सेंकना और हिंदू एकता, रामभक्तों और सनातन पर चोट करना है, लेकिन ट्रस्ट आह्र्वान करता है कि सभी हिंदू समाज की अपेक्षा के अनुरूप काम करेगा और उनका विश्वास पुन:स्थापित करेगा। उन्होंने कहा कि राम भक्त धैर्य रखें और किसी प्रकार के अनर्गल समाचारों पर ध्यान न दें।
 
ट्रस्ट की बैठक श्रीराम जन्मभूमि परिसर में ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास की अध्यक्षता में आयोजित की गयी और ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरि महाराज ने बैठक में विचारणीय प्रस्तावों को रखा।

कौन हैं कृष्णा मोहन 

कृष्ण मोहन राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के पदाधिकारी और पूर्व इंडियन फॉरेस्ट सर्विस (IFS) अधिकारी रह चुके हैं। 73 वर्षीय कृष्ण मोहन को पिछले साल कामेश्वर चौपाल के निधन के बाद खाली हुए पद पर उनको सदस्य बनाया गया था। अंतरिम महासचिव बनाए गए कृष्ण मोहन हरदोई जिले के शाहाबाद विधानसभा क्षेत्र के चंद्रपुर गांव के रहने वाले हैं।अंतरिम महासचिव बनाए जाने पर कृष्ण मोहन ने कहा कि प्रबंधन और संचालन में कुछ कमियां रह गई थीं, जिसका फायदा कुछ लोगों ने उठाया। भविष्य में ऐसा कुछ न हो, यह करना हमारी जिम्मेदारी होगी। राम मंदिर जन्मभूमि में जो भी दान आएगा, उसके बारे में सभी को पूरी जानकारी दी जाएगी। इससे समाज में ट्रस्ट के प्रति भरोसा बन सकेगा।
 
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