नई दिल्ली। दिल्ली सरकार राजधानी के युवाओं के लिए एक महत्वाकांक्षी योजना लागू की जा रही है, जो युवाओं को विशेष पहचान तो देगी ही और उनका नाम भी रोशन करेगी। ‘हौसलों की उड़ान’ नाम की यह योजना दिल्ली के युवाओं को उनकी रचनात्मक प्रतिभा को निखारने, प्रदर्शित करने और अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंच बनाने का एक अनूठा अवसर प्रदान करेगी। मंगलवार को योजना के बारे में जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बताया कि पूरे देश में यह पहली और ऐतिहासिक योजना है जो दिल्ली में लागू की जा रही है। योजना के लिए इस वित्त वर्ष में 5 करोड़ रुपए का बजट निर्धारित किया गया है। दिल्ली सरकार की मंगलवार को हुई कैबिनेट की बैठक में ‘हौसलों की उड़ान’ को मंजूर कर लिया गया है। इस बैठक में सभी कैबिनेट मंत्री, मुख्य सचिव व वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे। मुख्यमंत्री ने बताया कि दिल्ली के युवाओं की प्रतिभा खोजने के लिए इस योजना का खाका बेहद ही समझदारी व समर्पण भाव से तैयार किया गया है, ताकि दिल्ली के युवाओं की प्रतिभा निखरे, वे नाम कमाएं और देश की राजधानी दिल्ली का नाम भी ऊंचा करें। मुख्यमंत्री ने बताया कि इस योजना की घोषणा उन्होंने दिल्ली विधानसभा में अपने बजट भाषण में भी की थी और आज कैबिनेट के निर्णय के साथ की इसे लागू किया जा रहा है। रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली सरकार के कला, संस्कृति एवं भाषा विभाग के नेतृत्व में यह योजना प्रभावी रूप से लागू की जाएगी और दिल्ली के सभी युवाओं को इसमें शामिल किया जाएगा। दिल्ली सरकार के कला, संस्कृति एवं भाषा मंत्री कपिल मिश्रा ने ‘हौसलों की उड़ान’ की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि दिल्ली सरकार की यह एक और ऐतिहासिक योजना है। हमारी सरकार दिल्ली के टैलेंट को दुनिया के सामने लाने का काम करेगी।
योजना के होगा टैलेंट की पहचान
मुख्यमंत्री ने बताया कि दिल्ली के युवाओं में गीत, संगीत, आर्ट, डिजिटल आर्ट, विजुअल आर्ट के बहुत सारे टैलेंट हैं, जिनको मंच नहीं मिल पाता। बहुत ही कम लोग ऐसे होते हैं जो प्राइवेट चैनलों के माध्यम से अपनी प्रतिभा की पहचान कर पाते हैं या मुंबई जा पाते हैं। उन्हीं युवाओं के हौसलों को उड़ान देने, प्रतिभा को पहचान देने के लिए हौसलों की उड़ान शुरू की गई है। इसमें हम पूरी दिल्ली के कोने-कोने में और खासतौर पर दिल्ली के स्लम्स में, झुग्गी बस्तियों में, अनधिकृत कॉलोनियों में रहने वाले जो युवा युवतियां हैं, उनके टैलेंट की पहचान करने की यह विशेष योजना है। कपिल मिश्रा ने यह भी जानकारी दी कि दिल्ली की सभी विधानसभा में टैलेंट हंट कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे और उसके बाद हर विधानसभा से टैलेंट का पूल इक_ा करके ज़ोनल लेवल पर प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। जोन और जिला स्तर के बाद यह प्रतियोगिताएं राज्य स्तर पर आयोजित की जाएंगी। उन्होंने यह भी बताया कि हौसलों की उड़ान के लिए छह प्रकार की कलाएं चुनी गई हैं, इनमें गायन, नृत्य, कविता, शिल्प कला विजुअल आर्ट, डिजिटल आर्ट और थिएटर शामिल हैं।
मेगा टैलेंट हंट प्रतियोगिता का किया जाएगा आयोजन
सभी श्रेणियों में दिल्ली की कला की पहचान करके राज्य स्तर की एक मेगा टैलेंट हंट प्रतियोगिता का आयोजन किया जाएगा। इस फाइनल प्रतियोगिता का नाम मुख्यमंत्री से जुड़ा होगा। कला व संस्कृति मंत्री कपिल मिश्रा के अनुसार दिल्ली के करीब 50 लाख युवाओं को इस योजना से जोड़ा जाएगा। यह प्रतियोगिता करीब छह माह तक पूरी दिल्ली में आयोजित की जाएगी। उसके बाद फाइनल होगा। हमारा उद्देश्य है कि इस प्रतियोगिता को हम पूरे देश में दिखाएंगे। विजेताओं को नकद पुरस्कार दिया जाएगा। हमारी सरकार इन प्रतिभाशाली युवाओं को आगे बढ़ाने के लिए देश के जाने-माने कलाकारों को मेंटोर बनाकर इनके साथ जोड़ेगी, ताकि दिल्ली के ये प्रतिभाशाली युवा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी पहचान बना सकें।